औरैया। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों में नाम मात्र की दवाएं ही उपलब्ध हैं। यहां पर एलर्जी, संक्रमण और फंगल समेत कई बीमारियों की दवा नहीं है। ऐसे में 50 शैया अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीज बाहर से महंगे दामों में दवाएं खरीदने को मजबूर है।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की शुरूआत लोगों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं के दामों में जमीन आसमान का अंतर होता है।
कई लोगों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वह ब्रांडेड दवाएं खरीद सकें, ऐसे लोगों को जेनेरिक दवाएं काफी राहत देती हैं। 50 शैया अस्पताल में शनिवार को 300 से अधिक मरीज इलाज के लिए आए।
ओपीडी के कुछ डॉक्टरों ने मरीजों को दवाएं अस्पताल व जन औषधि केंद्र की लिखी थी, लेकिन वर्तमान स्थिति में जन औषधि केंद्र पर सेटरिजिन, मेट्रोजिल, फ्लू कोनाजोल समेत अन्य दवाएं नहीं है।
इसलिए मरीजों व उनके तीमारदारों को दवाएं बाहर से महंगे दामों में खरीदनी पड़ रही है। यह सभी दवाएं एलर्जी, मौसमी बुखार, नाक बहने के कारण होनी वाली खुजली को कम करने, दांतों, मसूड़ों, मुंह में संक्रमण, घाव व अल्सर समेत कई बीमारियों में काम आती है।
जन औषधि केंद्र के फार्मासिस्ट जसवेंद्र सिंह ने बताया कि सेटरिजिन, मेट्रोजिल, फ्लूकोनाजोल समेत अन्य दवाएं उपलब्ध नहीं है। पत्र लिखकर उच्चाधिकारियों से दवाओं की मांग की गई है।