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फाल्गुन में ही जेठ का अहसास, पारा पहुंचा 40 पार

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चटक धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए मुंह बांध कर निकली युवतियां। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया। मार्च में ही गर्मी ने बेहाल कर दिया। सोमवार को पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। धूप इतनी तेज रही कि सिर चकराने लगा। गर्म हवाओं के थपेड़ों ने फाल्गुन में ही जेठ का अहसास करा दिया। पिछले साल 21 मार्च को अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, वातावरण में नमी कम होने से तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसमें अभी और बढ़ोतरी की संभावना है।
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जनवरी के अंत और फरवरी के दूसरे सप्ताह में बारिश होने की वजह से मौसम में ठंडक बनी रही। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि फरवरी के दूसरे सप्ताह में मौसम पूरी तरह से खुल गया था। लगातार धूप खिलने से वातावरण में नमी खत्म होने लगी।
अब मार्च के पहले सप्ताह से ही तापमान में इजाफा हो रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसमें सोमवार को और इजाफा हुआ और अधिकतम तापमान 40 के पार पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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शीतल पेय और गन्ने के जूस की बढ़ी मांग
पिछले दो दिनों से बढ़ी गर्मी के बाद शीतल पेय की बिक्री भी बढ़ी है। चौराहों पर गन्ने का रस और पना बेचने वालों की ठेलियां भी सज गई हैं। गर्मी से सूख रहे गले को तर करने के लिए लोग इसका सहारा भी लेते नजर आए।
साफ सफाई का रखें विशेष ध्यान
50 शैया अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि बदलते मौसम में बीमारियां भी बढ़ेंगी। अचानक मौसम में आए बदलाव के कारण जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इस मौसम में साफ-सफाई के साथ खान-पान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
सबसे ज्यादा पेयजल की शुद्धता पर ध्यान देने की जरूरत है। अमूमन मार्च के महीने में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास नहीं पहुंचता है। ऐसे मौसम में सावधानी के साथ साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
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