फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घट गई सम्मान निधि लाभ पाने वाले किसानों की संख्या

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। जिले में सम्मान निधि का लाभ पाने वालों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है। दिसंबर 2018 से अब तक लगभग तीन साल में 1.60 लाख लाभार्थी घट गए हैं। बताया गया है कि समय-समय पर हुई जांच में बड़ी संख्या में अपात्र योजना से बहार हो गए हैं। इसके अलावा, आधार कार्ड की अनिवार्यता और पोर्टल में सुधार से भी अपात्रों को झटका लगा है।
विज्ञापन

केंद्र सरकार ने एक दिसंबर 2018 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। योजना के तहत छह हजार रुपये प्रति वर्ष पात्र किसान को तीन किस्तों में दिए जा रहे हैं। यह राशि सीधे उनके खातों में पहुंचती है।
योजना के शुरूआती दौर में बड़े पैमाने पर किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन हुए। विभागीय सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के चलते ज्यादा से ज्यादा किसानों से आवेदन कराकर योजना से लाभान्वित करने का दबाव बनाया गया। अधिकारियों ने भी दिन-रातकर आनन-फानन नियम कानून दर किनार कर आवेदनों को पोर्टल पर अपलोड कर दिए।
विज्ञापन

योजना के तहत पहली किस्त जनवरी 2019 में जारी हुई। तब दो लाख 33 हजार 496 को दो हजार की पहली किस्त दी गई। अप्रैल माह में दूसरी किस्त का लाभ दो लाख 29 हजार 842 को मिला। छठवीं किस्त तक जिले में एक लाख 99 हजार 854 लाभार्थी ही बचे।
सातवीं किस्त के बाद सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए बैंक खातों से आधार की अनिवार्यता कर दी। इसके अलावा, पोर्टल में सुधार करना शुरू कर दिया। इससे बड़ी संख्या में अपात्रों का निकलना शुरू हो गया। दसवीं किस्त तक सम्मान निधि पाने वालों की संख्या घटकर 73 हजार 402 रह गई है।
राशन कार्ड के बिना नहीं मिलेगा योजना लाभ
योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार ने रजिस्ट्रेशन के लिए राशन कार्ड की अनिवार्यता कर दी है। अब जो किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं, वह राशन कार्ड नहीं लगाएंगे जो उनकी सम्मान निधि रुक जाएगी।
नये आवेदन करने वाले किसानों को राशन कार्ड के साथ खसरा, खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और घोषणा पत्र की फोटो कापी जमा करने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब इन दस्तावेजों की पीडीएफ फाइल बनाकर पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इससे पीएम किसान सम्मान योजना में फर्जीवाड़ा कम होगा।
11वीं किस्त में और घट सकती है संख्या
विभाग की मानें तो पोर्टल में सुधार होने के बाद 11वीं किस्त में लाभ पाने वालों की संख्या में कमी हो सकती है। विभाग की जांच शुरू होने के बाद से जहां आवेदन कराने वालों की संख्या में कमी आई है, वहीं जो अपात्र योजना का लाभ ले रहे थे, उन्होंने स्वयं ही योजना से किनार कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें