दिबियापुर। दिबियापुर के हर घर तक साफ पानी पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है। मिशन अमृत योजना के तहत तीन पानी की टंकियों का निर्माण होगा। नये पंप हाउस बनेंगे। 36000 की आबादी को इसका सीधा लाभ होगा। योजना के तहत सर्वे का काम अंतिम चरण में है। दिबियापुर को तीन जोन में बांटकर जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी।
नगर पंचायत दिबियापुर में वर्ष 1984 में पानी की टंकी बनी थी। इसी से अभी भी जलापूर्ति होती है। लेकिन वाटर लाइनें जर्जर होने के कारण पानी हर घर तक नहीं पहुंच पाता है। इस समस्या को देखते हुए दिबियापुर नगर का चयन मिशन अमृत योजना के लिए तहत किया गया है। जल निगम की टीम ने इसके लिए दिबियापुर नगर पंचायत में सर्वे का काम जनवरी में शुरू किया था। अब सर्वे का काम अंतिम चरण में है।
योजना के तहत दिबियापुर नगर को तीन जोन में बांटा गया है। पहला जोन रेलवे लाइन के एक ओर ककराही बाजार, दूसरा जोन रेलवे लाइन के दूसरी ओर भगवतीगंज एवं तीसरा जोन नहर के पार बेला रोड एवं सहायल रोड की तरफ है। योजना के तहत सभी घरों को निशुल्क कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि मासिक जलकर सभी को देना होगा। दिबियापुर की वर्तमान में कुल जनसंख्या लगभग 36000 है।
जनसंख्या के सापेक्ष कुल पानी की मांग 2.920 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) है। दिबियापुर की जनसंख्या वर्ष 2050 तक बढ़कर लगभग 65 हजार होने की उम्मीद है। जनसंख्या बढ़ने पर लगभग 5.295 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी। इसके लिए नगर क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था काफी सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है।
अलग-अलग स्रोतों से उपलब्ध कराया जाएगा पानी: ईओ
दिबियापुर नगर पंचायत की ईओ मोनिका उमराव ने बताया कि मिशन अमृत योजना के तहत दिबियापुर में दो प्रकार के जल स्रोतों से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। एक जल स्रोत के रूप में निचली गंगा नहर का पानी लिया जाएगा। जिसे ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए साफ करके घरों तक भेजा जाएगा। जबकि दूसरे जल स्रोत के तौर पर कुल छह पंप हाउसों (तीन नये और तीन पुराने) से जलापूर्ति की जाएगी।
अलग-अलग जोन के लिए तीन पानैी की टंकियां भी बनेंगी। जनवरी में सर्वे का काम शुरू हुआ था। अगले 15-20 दिनों में सर्वे रिपोर्ट जलनिगम द्वारा शासन को भेज दी जाएगी। इस योजना के तहत पानी का कनेक्शन सभी को निशुल्क मिलेगा। लेकिन जलकर सभी को देना होगा।
वर्ष 2019 से शासन में लंबित है पुनर्गठन पेयजल योजना
दिबियापुर नगर पंचायत क्षेत्र में पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत तीन पानी की टंकियों के निर्माण एवं पाइप लाइन बिछाने के लिए 14 करोड़ 96 लाख 13 हजार रुपये का डीपीआर नगर पंचायत ने वर्ष 2019 में बनवाकर शासन को भेजा था। लेकिन अभी तक यह लंबित पड़ा था। अमर उजाला ने इसे लेकर 16 मार्च 2021 के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।