बिधूना। बदलते दौर में महिलाओं के साथ अपराध, साइबर अपराध जैसी घटनाएं बढ़ रही है। इनसे बचने के लिए विशेष सावधानी व सतर्कता बरतने की जरूरत है। छोटे से छोटे अपराध को नजर अंदाज न करें, पुलिस की सहायता लें। ये बातें पुलिस की पाठशाला में पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को देते हुए कही।
बिधूना के अछल्दा रोड स्थित संत विवेकानंद पब्लिक स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे प्रभारी निरीक्षक सुजीत वर्मा ने अपराध और कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी।
कहा कि पुलिस कानून का पालन कराती है। इसमें समाज को भी सहयोग करना चाहिए। जब हम जागरूक होंगे तभी दूसरे लोग भी जागरूक हो सकेंगे।
छात्र-छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि किसी भी अपराध को छिपाएं नहीं, बेझिझक इसकी जानकारी पुलिस को दें, ताकि उस पर कार्रवाई करके रोका जा सके। सड़कों पर चलते समय यातायात नियमों का पालन करें।
सोशल मीडिया के दौर में साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहें। किसी अनजान काल से पूछे गए सवालों का जवाब न दे और मोबाइल पर आने वाले ओटीपी को किसी से शेयर न करें।
एसएसआई भागीरथ ने मिशन शक्ति, पुलिस हेल्प लाइन के साथ बच्चों को गलत संगत से पड़ने वाले प्रभाव व उससे बचने के तरीके बताए। एंटी रोमियो टीम की प्रभारी सुनीता सिंह ने छात्राओं को स्कूल आने जाने पर हो रही परेशानियों को पुलिस से बताने और परिवार से कोई बात न छिपाने की सलाह दी।
स्कूल प्रबंधक रमेश चंद्र अग्निहोत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों को सीख मिलती है। पुलिस की बताई हर बात को गहराई से समझ कर उसका पालन करना चाहिए।
ताकि आपराधिक घटनाओं से बचा जा सके। इस दौरान अजय अग्निहोत्री, प्रधानाचार्य बीडी त्रिपाठी, अजमेर सिंह, एसके वर्मा, एके शुक्ला, आरती सिंह, सुरेश यादव, रिया यादव, रवि चौबे अखिलेश त्रिवेदी आदि लोग मौजूद रहे।
छात्र-छात्राओं के सवाल
छात्रा अवनी ने पूछ कि आते जाते असुरक्षा को सामना करना पड़ता है। तो क्या करें।
- सरकार ने महिलाओं के सुरक्षा के लिए 1090 हेल्पलाइन जारी कर रखी है। जिस पर शिकायत करने पर पहचान भी गुप्त रखी जाती है। गलत सहो मत, शिकायत करे।
छात्रा वंशिका सेंगर पूछा कि अधिकारी या कर्मचारी गैरकानूनी काम करते है, तो कार्रवाई क्यों नहीं होती।
- ऐसा नहीं है, ऐसे मामलों को बड़े अधिकारी संज्ञान लेेते है। अगर साक्ष्य मजबूत हो तो कोई भी कार्रवाई से बचा नहीं सकता। एक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है।
छात्र लव ने पूछा कि एफआईआर झूठी है या सही, कैसे तय होता है।
- विवेचना में घटना के सत्य या असत्य होना निर्धारित किया जाता है। झूठी सूचना पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी जाती है। जबकि सही में आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाता है।
छात्र यशवर्धन ने पूछा कि सड़क हादसे हो या अपराध हम लोग इसलिए सूचना देने से परेहज करते हैं कि पुलिस सूचना देने वाले को ही परेशान करने लगती है।
- ऐसा नहीं है, सूचना देने का मतलब उसने सहयोग किया अपराध होने की सूचना देने पर पुलिस का सहयोग होता है, ऐसा करने वाले को कोई परेशान नहीं करता है। गलत सूचना पर जांच की जाती है।
फोटो-25एयूआरपी-10- पुलिस कर्मियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित करते स्कूल के प्रबंधक। संवाद- फोटो : AURAIYA
फोटो-25एयूआरपी-11- पुलिस पाठशाला में मौजूद छात्र-छात्राएं। संवाद- फोटो : AURAIYA
फोटो-25एयूआरपी-12- छात्रा वंशिका- फोटो : AURAIYA
फोटो-25एयूआरपी-13- छात्र लव। संवाज- फोटो : AURAIYA
फोटो-25एयूआरपी-14- छात्र यशवर्धन। संवाद- फोटो : AURAIYA
फोटो-25एयूआरपी-15- छात्रा अवनी। संवाद- फोटो : AURAIYA