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पंचायत घरों का निर्माण अधूरा, घर से चल रही सरकार

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फोटो-08एयूआरपी-05- हरदू ग्राम पंचायत में अधूरा पड़ा पंचायत घर - फोटो : AURAIYA
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बिधूना। ग्राम पंचायतों में कंप्यूटरीकृत पंचायत कार्यालय होंगे। उनमें पंचायत सहायक ग्रामीणों के सभी प्रकार के काम ऑनलाइन करेंगे। सरकार की यह परिकल्पना जिले में साकार होती नहीं दिखाई पड़ रही है।
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हालात ये हैं कि अभी तक जिले में कई गांवों के पंचायत भवन अधूरे पड़े हैं। जबकि कई गांवों के पंचायत भवनों की मरम्मत नहीं होने से वहां कोई नहीं बैठता है। वहीं जिम्मेदार भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
आज सरकारी की सभी प्रकार की योजनाओं का काम ऑनलाइन होता है। ऐसे में ग्रामीणों को ब्लाक और जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़े। यह मंशा रखते हुए सरकार ने ग्राम पंचायतों में सचिवालय की परिकल्पना की।
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सरकार को उम्मीद थी कि इन सचिवालयों में ग्रामीणों के काम होने के साथ ही गांव के विकास की योजनाएं भी तैयार होंगी। ऐसे में जिन ग्राम पंचायतों में भवन नहीं थे, वहां पर नए भवनों के निर्माण और जहां थे उनकी मरम्मत के लिए सरकार ने पैसा जारी किया।
इसके साथ ही यह काम करने के लिए मानदेय पर पंचायत सहायकों की भर्ती की गई। अब हालात ये हैं कि पंचायत सहायक अपने घरों से पंचायत की सरकार चला रहे हैं। वहीं जिम्मेदार और ग्राम प्रधान शांत बैठ गए हैं।
हरदू गांव में बन रहे पंचायत भवन की दीवारें करीब छह माह से खड़ी हैं। अब ठेकेदार शेष धनराशि न मिलने की बात कहकर लेंटर नहीं डाल रहा है। जबकि पंचायत भवन का निर्माण तीन माह में पूरा करना था।
पंचायत भवन लगभग 60 फीसदी बन गया है। छत की ढलाई होनी है। ठेकेदार ने बताया कि 5200 रुपये के हिसाब से सरिया का भुगतान किया जाना है, लेकिन अब सरिया 8700 रुपये क्विंटल है। इससे काम प्रभावित है।
एक साल से चल रहा काम अभी तक गति नहीं पकड़ सका। यहां पर निर्माण के लिए फांउडेशन भी ठीक से तैयार नहीं किया गया है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभालने वाले पंचायत से लेकर ब्लाक अफसरों पर इसका ठीकरा फोड़ रहे हैं।
जिले का आंकड़ा
ग्राम पंचायतें - 477
नए पंचायत भवन - 220 (विभाग के मुताबिक 195 पूरे)
जगह न मिलने वाली ग्राम पंचायत - 14
पंचायत सहायक - 419 (12 त्यागपत्र दे चुके)
ग्राम पंचायत सचिवों को पंचायत घरों का निर्माण कराकर फोटोग्राफ के साथ आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां निर्माण कार्य अधूरा है और निर्देशों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - जितेंद्र कुमार, बीडीओ बिधूना
जहां पंचायत घरों का निर्माण चल रहा है, उसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। सभी को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी भी जगह समस्या आ रही है तो उसका निराकरण कराया जाएगा। - संदीप वर्मा, डीपीआरओ

फोटो-08एयूआरपी-06- बेला ग्राम पंचायत में अधूरा पड़ा पंचायत घर। संवाद- फोटो : AURAIYA

फोटो-08एयूआरपी-07- हरदू ग्राम पंचायत में अधूरा पड़ा पंचायत घर- फोटो : AURAIYA

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