औरैया। नवरात्र और रमजान में धार्मिक दृष्टि से उपवास का विशेष महत्व है, लेकिन जिनका डायबिटीज, ब्लड प्रेशर व शुगर अनियंत्रित रहता है, उनको व्रत नहीं रखना चाहिए। चिकित्सक इस बात को लेकर सलाह भी दे रहे हैं।
शहर के 100 शैया अस्पताल के सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि डायबिटीज (मधुमेह) से ग्रस्त व्यक्तियों को उपवास का निर्णय स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लेना चाहिए। उपवास के समय खून में ग्लूकोज की मात्रा कम हो सकती है। ब्लड शुगर कम होने के लक्षण आसानी से पहचाने जा सकते हैं।
ब्लड शुगर कम होने पर अचानक पसीना आना, शरीर में कमजोरी या कंपन होना, दिल की धड़कने तेज होना आदि हो सकता है। शहद, चीनी, ग्लूकोज लेकर ब्लड शुगर में आई कमी को दूर किया जा सकता है।
उपवास के दौरान कुछ लोगों में ब्लड शुगर बढ़ जाता है। इसलिए नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करना और उसे नियंत्रण में रखने का यथासंभव प्रयास करना अनिवार्य है। डीहाइड्रेशन न हो इसके लिए नारियल पानी, बिना नमक के नीबू पानी, छाछ, दूध जैसे तरल पेय पदार्थों का सही मात्रा में सेवन करना अनिवार्य है। ढाई से तीन लीटर पानी पीयें।
उपवास के दौरान नमक छोड़ना चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें। क्योंकि ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने वाली कुछ दवाएं शरीर से सोडियम बाहर निकालती हैं, उपवास के दौरान नमक छोड़ने से पहले इन दवाओं की खुराक में परिवर्तन करना पड़ सकता है। ताजे फल का सेवन करें, ताकि शरीर में प्रोटीन की कमी न हो सकें। उपवास तोड़ने के बाद आवश्यकता से अधिक न खाएं।