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आवास योजना के घोटाले में दलालों पर कसने लगा शिकंजा

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औरैया। आवास घोटाले में दलालों पर शिकंजा कसने के बाद विभाग में हड़कंप है। अफसरों के निशाने पर कई कर्मचारी और अधिकारी हैं। इन पर भी बड़ी कार्रवाई की तलवार लटकी है।
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वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में 167 अपात्रों को बांटे गए तीन करोड़ रुपये के मामले में पुलिस ने तत्कालीन परियोजना अधिकारी समेत छह कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। अब रिकवरी शुरू हुई तो दलालों के नाम निकल कर सामने आ रहे हैं। इस मामले में एक दलाल पर दो रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
आवास आवंटन के मामले में अपात्रों से जिला प्रशासन ने रिकवरी कराने के लिए नोटिस भेजकर कार्रवाई शुरू की है। जिन्हें आवास आवंटित हुए हैं वह परेशान हैं। कई लाभार्थियों ने अपने को निर्दोष बताते हुए विभाग के कुछ दलालों की ओर इशारा किया है।
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इस मामले में जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने पातेपुर औरैया निवासी लक्ष्मी देवी और भरसेन औरैया निवासी नीरज देवी की शिकायत पर आवास दिलाने वाले गिरीश कुमार निवासी बहादुरपुर औरैया पर 11 फरवरी को सदर कोतवाली में दो रिपोर्ट दर्ज कराईं थीं।
इधर, पूरे मामले में अब विभागीय अफसरों के साथ दलालों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अफसरों की जांच में यह बात भी निकल कर सामने आई है कि अलग-अलग विभागों में संविदा पर काम करने वाले कुछ कर्मियों ने सर्वे के दौरान लाभार्थियों से आवास दिलाने के नाम पर कमीशन और नकदी ली।
इसके अलावा कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी निशाने पर हैं। जिन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस तरह के मामले की पड़ताल कराई जा रही है, किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
इस तरह हुआ घोटाला और कार्रवाई
जिला नगरीय विकास अभिकरण विभाग की जांच में जुलाई 2021 में जिले में अलग-अलग आठ मामलों में हुई जांच के बाद दो करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में पूर्व परियोजना अधिकारी पवन कुमार, अधीनस्थ तत्कालीन स्टाफ सीएसए अनीता, सीएलटीसी आशीष कुमार, एसनो फाउंडेशन के सर्वेयर पीएमसी विजय कुमार, शैलेंद्र कुमार एवं कौशल कुमार को आरोपी बनाया गया है। इस प्रकरण ने वर्ष 2021 की शुरुआत में औरैया एवं बिधूना तहसील में प्रधानमंत्री आवास में अनियमितता सामने आने के बाद जोर पकड़ा था।
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