औरैया। पुराने स्टांप की आरसी व चालान जमा करने में अमीन शिथिलता बरत रहे हैं। एडीएम ने रिकार्ड रूम में चालान के बिना आरसी जमा करने पर कड़ा रुख दिखाया है। उन्होंने तीन दिन के अंदर चालान न जमा करने वाले अमीनों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2008 से 2017-18 तक के स्टांप शुल्क में अभी तक आरसी व चालान नहीं दिए गए हैं। कई बार चालान व आरसी मांगी गई, लेकिन अमीनों की शिथिलता के चलते चालान नहीं जमा कराए जा रहे हैं। जिस वजह से विभाग का रिकार्ड दुरुस्त नहीं हो पा रहा है। औरैया, अजीतमल व बिधूना तहसील से करीब 50 चालान नहीं भेजे गए हैं। बुधवार को एडीएम ने संबंधित पटल के बाबू को फटकार लगाते हुए तीन दिन के अंदर पुराने स्टांप की आरसी व चालान जमा करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही किस अमीन ने अभी तक चालान नहीं भेजा गया है, उनकी सूची मांगी है। एडीएम रेखा एस चौहान ने बताया कि करीब 50 पुराने स्टांप शुल्क के मामलों में चालान नहीं आया है, जिसे रिकार्ड रूम में सुरक्षित करने में दिक्कत आ रही है।
अगर तीन दिन के अंदर अमीनों की ओर से चालान व आरसी जमा नहीं कराई जाती है, तो उनका वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, चालान न जमा करने के मामले में एडीएम रेखा एस चौहान ने 30 दिसंबर को औरैया, अजीतमल व बिधूना तहसील के तहसीलदारों की बैठक बुलाई है। उन्होंने बताया कि यह गंभीर मामला है।
कम स्टांप ड्यूटी वाले बकायेदारों से होती है वसूली
ऐसी जमीनों के खरीदार जिन्होंने जमीन की मालियत के हिसाब से कम स्टांप लगाए हैं, उनकी आरसी काटकर बकाये स्टांप की वसूली का जिम्मा अमीनों को सौंपा जाता है। स्टांप का अंतर मिलने पर पहले आरसी जारी की जाती है, इसके बाद संबंधित से उक्त रकम के एवज में वसूली कर रिकार्ड में जमा कराना होता है।