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Auraiya News: तरक्की की राह पर औरैया, अवशेष से तैयार होगा सुरक्षित ईंधन

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औरैया। जनपद में उद्यम के नए पंख लगेंगे। सुरक्षित ईंधन के क्षेत्र में दो निवेशक आगे आए हैं। इन्हें प्रशासन ने हाथों हाथ लिया है। एक निवेशक ने बायो डीजल तो दूसरे ने बायो कोल का प्लांट लगाने का एमओयू साइन किया। सुरक्षित ईंधन की दिशा में जनपद में यह पहला कदम है। ये दोनों प्लांट अवशेष मटेरियल से ईंधन तैयार करेंगे और उसे बेंचेगे। प्लांट लगाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। साथ ही प्रोजेक्ट बनाकर यूपीनेडा को फाइल भेज दी गई है। इसके लगने से युवाओं को रोजगार के अवसर सुलभ होंगे।
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केस-1
अवशेष जले खाद्य तेल व वनस्पति से बनेगा बायो डीजल
अगर आप अपने घर में खाना बना रहे हैं और बनाने के बाद जला तेल बचता है तो उसे फेंकने की जरूरत नहीं है। उसे आप बेच भी सकते हैं। इसके लिए सहार के सौंधरा अड्डा समीप अंचन पेट्रोलियम लिमिटेड इंगुरा कंपनी बायो डीजल प्लांट खोलने जा रही है। ये कंपनी घरों से जला तेल, वनस्पति तेल खरीदेगी। इसे रिफाइनरी में ले जाकर बायो डीजल तैयार करेगी।
यह बायो डीजल हाई पिकअप व मालवाहकों के लिए मुफीद ईंधन का काम करेगा। कंपनी के मालिक राधेश्याम सिंह ने बताया कि बायो डीजल की रिफाइनरी सौंधरा अड्डा में खोली जाएगी। इस प्लांट के लिए 40 करोड़ का एमओयू साइन किया गया है। इस प्लांट में बायो डीजल बनाने के लिए घरों व दुकानों से जला तेल खरीदा जाएगा। कड़ंज व अन्य तरह के वनस्पति तेल भी खरीदे जाएंगे। प्लांट में इसे रिसाइकिल कर बायो डीजल बनेगा। इस डीजल का इस्तेमाल हाई पिकअप वाहन व मालवाहकों में होगा। प्लांट छोटे-छोटे पंप भी खोलेगी। इसके लिए डीलरशिप भी होगी। कई लोगों को रोजगार मिलेगा।
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केस-2
फसल अवशेष से बनेगा बायो कोल
फसलों के अवशेष से सीएनजी के बाद अब बायो कोल भी बनेगा। इसके लिए औरैया शहर के इंडियन ऑयल के पास अजंता बोय फ्यूल्स बायो कोल प्लांट लगाएगी। इसके लिए सवा तीन करोड़ का एमओयू साइन किया गया है। इस प्लांट में फसलों के अवशेष से कोयला तैयार किया जाएगा। इस कोयले के जलने पर धुआं व राख न के बराबर निकलेगी। इसके जलने पर तापमान भी ज्यादा रहेगा। इसे मानकों पर सुरक्षित ईंधन माना जा रहा है। औरैया शहर के तिलकनगर मोहल्ला निवासी कंपनी के मालिक मयंक दीक्षित बताते हैं कि बायो कोल प्लांट में कोयला तैयार करने के लिए गांव-गांव से सरसों, धान, बाजरा, गेहूं, मक्का, चना, मूंगफली समेत अन्य फसलों के अवशेष खरीदे जाएंगे। बाद में उन्हें प्लांट पर लाकर कंप्रेस्ड कर आंच देते हुए बायो कोयला तैयार किया जाएगा। तैयार कोयले को गाजियाबाद के दादरी स्थित एनटीपीसी प्लांट में सप्लाई किया जाएगा। वहां बॉयलर में इसकी खपत होगी। यह प्लांट लगने से किसानों को भी फसलों के अवशेष से अच्छी कमाई हो सकेगी।


उद्यम क्षेत्र में सुरक्षित ईंधन की दिशा में औरैया का यह पहला कदम है। सुरक्षित ईंधन के लिए दो प्लांट लगने जा रहे हैं। एमओयू साइन होने के बाद यूपीनेडा को फाइलें भेज दी गई हैं। इस पर मुहर लगते ही इन प्लांटों को धरातल पर उतारा जाएगा। -अनुराग अग्रहरि, उद्यमी मित्र

नए उद्यम स्थापित करने के लिए जनपद में निवेशकों ने एमओयू साइन किए हैं। इनके प्रोजेक्ट तैयार कर भेजे गए हैं। ईंधन के क्षेत्र में दो प्लांटों की स्थापना मील का पत्थर साबित होगी। -डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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