सोमवार को जिला प्रशासन की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए शांति वाटिका में सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह का समय निर्धारित किया गया। जबकि सदस्यों को शपथ के लिए जिला पंचायत सभागार बुलाया गया। ये बात सपा और भाजपा के साथ बसपा व निर्दलीय सदस्यों को खटक गई। सदस्यों ने सुबह से ही भेदभाव का आरोप लगाना शुरू कर दिया।
औरैया में सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के शपथ ग्रहण समारोह में गुटबाजी और विरोध शुरू हो गया। पांच घंटे इंतजार के बाद नवनिर्वाचित सदस्यों ने भेदभाव का आरोप लगा हंगामा कर शपथ का बहिष्कार कर दिया। भाजपा नेता और अधिकारी सदस्यों को मनाने में जुटे रहे लेकिन वह नहीं माने।
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आखिर में शाम चार बजे के करीब अध्यक्ष कमल दोहरे को डीएम सुनील कुमार वर्मा ने शपथ दिलाई। सोमवार को जिला प्रशासन की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए शांति वाटिका में सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह का समय निर्धारित किया गया।
जबकि सदस्यों को शपथ के लिए जिला पंचायत सभागार बुलाया गया। ये बात सपा और भाजपा के साथ बसपा व निर्दलीय सदस्यों को खटक गई। सदस्यों ने सुबह से ही भेदभाव का आरोप लगाना शुरू कर दिया। दोपहर तक कई दिग्गज नेताओं के इंतजार में शपथ समारोह टलता रहा।
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कई सदस्यों को अध्यक्ष के शपथ समारोह में कोई तवज्जो नहीं मिली। शाम चार बजे के करीब जब मुख्य अतिथि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत व कन्नौज सांसद सुब्रत पाठक, राज्यसभा सांसद गीता शाक्य पहुंचे तो डीएम सुनील कुमार वर्मा ने कमल दोहरे को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इसके बाद घोषणा की गई कि सदस्यों को जिला पंचायत में शपथ दिलाई जाएगी। इतना सुनते ही सभी सदस्य एक स्वर में विरोध जताते हुए चले गए। अफसर और जिला पंचायत अध्यक्ष सदस्यों से संपर्क कर उन्हें बुलाते रहे, लेकिन देर शाम तक शपथ लेने कोई नहीं पहुंचा।