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स्कूलों में 90 फीसदी उपस्थिति होगी अनिवार्य

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औरैया। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद एक जुलाई से माध्यमिक विद्यालय खुलने वाले हैं। शासन ने नए सत्र से बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने के साथ कई नियमों का कड़ाई पालन करने की गाइड लाइन जारी की है। विद्यालयों में प्रत्येक छात्र की प्रत्येक दशा में 90 फीसदी उपस्थिति पर जोर दिया जा रहा है। इतना ही नहीं पांच किलोमीटर की दायरे में अमान्य विद्यालयों व अपंजीकृत कोचिंग संस्थाओं की जानकारी भी प्रधानाचार्य देंगे।
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जिले के सहायता प्राप्त अधिकांश विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति 40 से 50 फीसदी ही रहती है। सुबह विद्यालय खुलने पर जो छात्र आते हैं, उनमें से कई टयूशन का बैच का समय होते ही खिसक लेते हैं। इस बार छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस बार केवल दस फीसदी अनुपस्थिति की ही छूट दी गई है। जिन छात्रों की 90 फीसदी से कम उपस्थिति होगी, उसके संबंध में प्रमाण सहित कारण स्पष्ट करना होगा। जिले में कई विद्यालय बिना मान्यता चल रहे हैं। कुछ हाईस्कूल तक मान्यता प्राप्त हैं लेकिन वहां धड़ल्ले से इंटरमीडिएट की कक्षाएं चलती हैं। कमोबेश यही स्थिति कोचिंग संस्थानों की है। यहां भी दिशा निर्देशों का पालन नहीं होता। प्रधानाचार्यो को भेजी गई गाइड लाइन के हिसाब से पांच किलोमीटर के दायरे में संचालित अमान्य स्कूलों व कोचिंग जानकारी देने को कहा गया है, ताकि इन्हें बंद कराया जा सके। जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्र प्रताप सिंह ने आदेश दिए हैं कि सहायता प्राप्त इंटर कालेजों के शिक्षक ट्यूशन नहीं पढ़ाएंगे। ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक विनिमय 63 का उल्लंघन करने वाले माने जाएंगे। उनका यह कार्य कदाचार माना जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि शासन से मिले दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
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