बुराई के प्रतीक रावण का पुतला गुरुवार को दिबियापुर स्थित रामलीला मैदान में फूंका गया। इसके साथ ही आतंक और बुराई पर सच्चाई की जीत हुई। इससे पहले राम- रावण के युद्ध पर लोगों ने तालियां बजाईं। रामलीला मैदान आज खचाखच भरा नजर आया, यहां लगे मेले में लोगों ने जमकर खरीददारी की।
नगर पंचायत दिबियापुर अध्यक्ष शीला गुप्ता के प्रतिनिधि कन्हैयालाल गुप्ता ने कहा कि सभी व्यक्तियों के अंदर भावनाओं में राम और रावण दोनों रहते हैं। रावण रूपी अहंकार को मारकर हम राम बन सकते हैं, जहां अहंकार रूपी रावण हावी हो जाता है। वहीं से हमारा पतन प्रारंभ हो जाता है।
रावण के पुतले में आग लगते ही जोरदार धमाकों के बीच रावण का पुतला जल गया। इससे पूर्व कलाकारों ने राम- रावण युद्ध का सजीव मंचन किया।
अध्यक्ष प्रतिनिधि कन्हैयालाल गुप्ता के साथ सभासद सुभाष यादव, सभासद उदयवीर यादव, सभासद अजय पोरवाल, सभासद शैलेंद्र अग्रवाल समेत खासी संख्या में लोग मौजूद रहे। रावण वध होने के बाद लोगों ने मेले का लुत्फ उठाया।
तीर लगते ही धू-धूकर जला रावण - फफूंद। कस्बा के रामलीला मैदान में भगवान राम के तीर मारते ही बुराइयों का प्रतीक रावण धू-धूकर जल गया। रावण के जलते ही जय श्रीराम के जयकारे गूंजने लगे।
इस दौरान रामलीला कमेटी के अध्यक्ष बृजेेंद्र मोहन शुक्ला, प्रमोद तिवारी, उमेश अवस्थी, अन्नू शर्मा, मिंटू दुबे, रानू अग्निहोत्री, मानवेंद्र पोरवाल आदि मौजूद रहे। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा। वहीं दशहरा मेला में महिलाओं व युवतियों ने जमकर खरीददारी की और चाट, पानी बतासे का भी मजा लिया।
दशहरा मेला के पूर्व फफूंद कस्बे में भी विजयादशमी पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। रामलीला समिति के तत्वाधान में शुक्रवार को सीता हरण, बालि वध व सायंकाल के समय लंका दहन की लीलाओं का मंचन किया गया। मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख ने कहा कि जनता को भगवान राम की लीलाओं से सीख लेनी चाहिए।