दशहरा पर्व पर शुक्रवार को आतंक और बुराइयों का प्रतीक रावण को पराजित कर श्रीराम ने विजय पताका फहराई। राम के तीर मारते ही रावण का पुतला धू-धूकर जल गया। दशहरा पर्व पर लगे मेले का लोगों ने लुप्त उठाया। वहीं मेले में किसी प्रकार की अराजकता न फैले इसके चलते पुलिस प्रशासन सतर्क रहा।
रामलीला कमेटी की ओर से शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में रथ पर सवार होकर राम-लक्ष्मण पुराना नुमाइश मैदान में पहुंचे। इस मौके पर कमेटी के लोगों ने राम-लक्ष्मण की आरती उतारी।
राम-लक्ष्मण व रावण के रूप में कलाकारों ने युद्ध किया। राम व रावण के बीच काफी देर तक युद्ध चला। आखिर में बुराइयों पर सच्चाई की जीत हुई और श्रीराम ने रावण का वध कर दिया। बाद में जैसे ही राम ने रावण के पुतले में तीर चलाया, वैसे ही वह धू-धूकर जल गया।
रावण का पुतला जलते ही जयश्रीराम के जयकारे लगने लगे। वहीं पुराना नुमाइश मैदान में आयोजित मेले में जमकर खरीददारी की गई। महिलाओं व युवतियों ने चाट-बतासे खाए। साथ ही टेसू-झांझी के पुतलों की भी जमकर खरीददारी की गई।