बदलता मौसम लोगों की सेहत पर नागवार गुजरने लगा है। बीमारियों ने भी पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन डिहाइड्रेशन, वायरल, डायरिया, दस्त आदि के मरीज बढ़ने लगे हैं। इन बीमारियों से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने कोई खास तैयारी नहीं की है। डाक्टरों के देर से आने और जल्दी जाने के रवैये से मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। गंभीर रूप से बीमार मरीज डाक्टरों के इंतजार में घंटों पड़े रहते हैं।
दोपहर 12.15 बजे : जिला अस्पताल की ओपीडी में फिजीशियन डा. एमयू खान और डा. एके सिंह के अलावा सामान्य डाक्टरों के चैंबर खाली पड़े हुए थे। मरीजों चिकित्सकों के इंतजार में दो घंटे से बैठे नजर आए।
दोपहर 1.00 बजे : जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डा. अरुण तिवारी के चैंबर में ताला लटक रहा था। मरीजों की भारी संख्या में भीड़ लगी थी। सुबह से इंतजार कर रहे मरीज देर तक वहीं डटे रहे। बाद में कई मरीज लौट गए।
दोपहर 1.15 बजे : नरोत्तमपुर निवासी किरन देवी, जौरा निवासी अरुण कुमार व अजनपुर निवासी ममता चतुर्वेदी ने डाक्टरों के न आने पर नाराजगी जताई। कहा कि तीन घंटे से बैठे हैं, लेकिन डाक्टर साहब का कुछ पता नही है।
मरीजों का इलाज कर उन्हें अच्छी स्वास्थ्य सुबिधाए उपलब्ध कराना ही उनकी पहली प्राथमिकता है। अगर चिकित्सक अपने चैंबर से गायब मिले हैं तो जांच कराकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डा. एन.के मिश्रा, सीएमएस