औरैया। बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए उद्योग विभाग व बैंकोंं का अहम रोल होता है, लेकिन मौजूदा वक्त में युवा लोन के लिए भटक रहे हैं। इनके आवेदन बैंकों में अटके हैं।
ये बात मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की समीक्षा में सामने आई है। डीएम को समीक्षा में विभिन्न बैंकों में लोन की करीब 205 फाइलें अटकी मिली हैं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना में सैकड़ों बेरोजगार युवाओं ने ऋण पाने के लिए उद्योग केंद्र में आवेदन किए थे। उद्योग केंद्र की स्वीकृति के बाद इनकी फाइलें संबंधित बैंकों को भेज दी गई थीं, लेकिन बैंकों में इनके आवेदन निपटाए नहीं गए। ऐसे में युवा बैंकों की भागदौड़ कर रहे हैं, लेकिन उन्हें फाइलों की वास्तविक हकीकत पता नहीं चल पा रही है।
हाल ही में डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की समीक्षा की। समीक्षा में डीएम को विभिन्न बैंकों में यह फाइलें लंबित मिलीं। इस पर उन्होंने बैंक अफसरों को फटकार लगाई।
उन्होंने कहा कि आवेदक द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रपत्रों में यदि कोई कमी है तो बैंक उसे जांच कर एक बार में ही अवगत कराएं। जिससे ऋण स्वीकृत होने में विलंब न हो। उन्होंने कहा कि सात दिन में सभी बैंक लंबित ऋण फाइलों का निस्तारण करें और आवेदक को ऋण वितरित करें।
इन बैंकों में अटकीं फाइलें
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 24, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में 35, पंजाब नेशनल बैंक में 26, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 25, बैंक ऑफ बडौदा में 16, केनरा बैंक में 10, इंडियन बैंक में 06, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 28, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 02, एचडीएफसी बैंक में 33 पत्रावली लंबित हैं।