फोटो 15 एयूआरपी 04- बिजली नहीं होने से गांव में पेड़ के नीचे बैठ ठंडक लेते ग्रामीण। संवाद
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औरैया। गर्मी बढ़ते ही शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली कटौती बढ़ गई है। शहरी क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे ही बिजली मिल रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। इधर, सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और विश्वविद्यालय की परीक्षाएं अभी चल रही हैं। बिजली कटौती से सबसे ज्यादा परेशानी छात्र-छात्राओं को हो रही है।
गर्मी में सुबह और शाम बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या से हर कोई परेशान हैं। इसका असर व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से लेकर शाम तक पांच घंटे अघोषित कटौती की जा रही है। बिजली आने और जाने का कोई शेड्यूल नहीं है।
शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, लेकिन 18 से 20 घंटे ही बिजली मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे तक ही बिजली मिल रही है। बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है, क्योंकि ओवरहेड टैंक से आपूर्ति कुछ ही देर में बंद हो जाती है।
गांवों में 24 घंटे बिजली मिलने का दावा खोखला साबित हो रहा है। हर साल गर्मी का मौसम आते ही कटौती शुरू हो जाती है। इससे सिंचाई प्रभावित होती है। किसानों के अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। -सुबोध कुमार, गांव सुरार।
बिजली विभाग की व्यवस्था रामभरोसे है। रात में बिजली कट जाने पर मच्छर और गर्मी से परेशानी बढ़ जाती है। बिजली न रहने पर पानी की आपूर्ति भी बंद हो जाती है।- अरविंद कुमार, किसान
फॉल्ट के कारण उपकेंद्रों पर शटडाउन लिया जाता है। गर्मियों में लोड बढ़ जाने से यह समस्याएं आ रही है। शहर और ग्रामीण इलाकों में शेड्यूल के मुताबिक ही बिजली आपूर्ति हो रही है। -लेखराज सिंह, एक्सईएन, औरैया।
फोटो 15 एयूआरपी 05- जैतापुर गांव में दफ्ती से हवा लेते बच्चे। संवाद- फोटो : AURAIYA