दवा लिखते सीएमएस डा. प्रमोद कटियार
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बिना बजट और बिना मेन पावर के संचालित हो रहे जिला अस्पताल में आने वाले रोगियों के लिए संतोषजनक खबर है। संसाधनों से उजड़े जिला अस्पताल में बजट और मेन पावर के अभाव में वैकल्पिक इमरजेंसी सेवा की शुरुआत हो गई है। ओपीडी के समय में आए रोगी को प्लास्टर चढ़ाकर अस्थि रोग विशेषज्ञ सीएमएस ने शुक्रवार को इस सेवा की शुरूआत की।
रोज की तरह शुक्रवार को भी जिला अस्पताल की ओपीडी संचालित करने का कोरम पूरा किया जा रहा था। अस्थि रोग विशेषज्ञ सीएमएस डा. प्रमोद कुमार कटियार के केविन में भी मरीजों की भीड़ थी। तभी मार्ग दुर्घटना में घायल हुए गांव जनेतपुर के रामसिंह कराहते हुए सीएमएस की केविन में दाखिल हुए। दर्द से कराह रहे रोगी रामसिंह के टूटे हाथ देखने के बाद सीएमएस ने सारे काम छोड़कर एक मात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मी और फार्मासिस्ट से इमरजेंसी कक्ष खोलने को कहा।
रोगी के हाथ में प्लास्टर चढ़ाने के लिए जिला अस्पताल में प्लाटर आफ पेरिस व अन्य सामान न होने के बाद भी अपने खर्च पर सभी सामान बाजार से मंगवाया और घायल के हाथ पर प्लाटर चढ़ाया। सीएमएस डा. कटियार ने बताया इसी तरह जिला अस्पताल में वैकल्पिक इमरजेंसी सेवा की शुरूआत हो सके