फोटो 27 एयूआरपी 03 - आंधी में उड़े भूसे को इकट्ठा करता किसान
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औरैया। रविवार की शाम तेज आंधी के साथ बरसात से गेहूं की फसल को पांच फीसदी ही नुकसान पहुंचा है। इसकी वजह यह रही कि 84 फीसदी गेहूं की कटाई व मड़ाई का काम पूरा हो चुका है। 12 फीसदी पकी खड़ी अथवा कटी पड़ी फसल में पांच फीसदी नुकसान की संभावना जताई जा रही है। आंधी और बारिश से गेहूं की थ्रेसिंग का काम तीन-चार दिन के लिए बाधित हो गया है।
इस बार जिले में करीब एक लाख दो हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई थी। रविवार की शाम आंधी व बारिश गेहूं किसानों के लिए आफत बनकर आई थी। गनीमत यह रही कि करीब 84 हजार हेक्टेयर में गेहूं की कटाई-मड़ाई का काम पूरा हो चुका है। आंधी से अजीतमल, भाग्यनगर व औरैया ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों में भूसा उड़ने से किसानों को नुकसान हुआ है। खेतों में कटे पड़े गेहूं के गट्ठर भीगने से गेहूं की थ्रेसिंग का काम भी तीन चार दिन के लिए बाधित हो गया है।
जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि आंधी और बारिश से गेहूं की फसल को चार से पांच फीसदी ही नुकसान की संभावना है। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के कृषि वैज्ञानिक डॉ.संदीप कुमार सिंह का कहना है कि सब्जी की फसल को बारिश से कोई नुकसान नहीं है। भिंडी, टमाटर, चुकंदर आदि सब्जी की फसलों को फायदा होगा। मौसम ठंडा होने से सब्जी की फसल में कीट लगने की संभावना भी कम रहेगी। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के प्रभारी डॉ. अनंत कुमार का कहना है कि 30 अप्रैल तक मौसम खराब रहने की संभावना है। बादल छाए रहने के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है।
उधर, अजीतमल संवाद न्यूज एजेंसी के मुताबिक रविवार को आई तेज आंधी और बारिश से पुराने मुगल रोड पर फुटपाथ पर कई पेड़ धराशायी हो गए। दुकानों के आगे रखी टिन-टप्पर आदि उड़ गए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आंधी-पानी से किसानों का नुकसान हुआ है। सोमवार को सुबह से ही किसान अपने-अपने खेतों पर पहुंचकर फसल को समेटते दिखे।