जल्द ही इटावा आगरा मेमो पैसेंजर फफूंद रेलवे स्टेशन से चलनी प्रारंभ हो जाएगी। इसको लेकर रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों में तेजी से सुगबुगाहट प्रारंभ हो गई।
वरिष्ठ अधिकारियों एवं रेल राज्य मंत्री के आने के अंदेशे से साफ सफाई, रंगाई पुताई का काम प्रारंभ हो गया है। हालांकि कोई भी अधिकारी कर्मचारी इस मुद्दे पर औपचारिक तौर पर बोलने को तैयार नहीं है।
कानपुर- इटावा स्टेशनों के मध्य सर्वाधिक प्रतिवर्ष 11 करोड़ की आमदनी देने वाले फफूंद रेलवे स्टेशन को केंद्र सरकार द्वारा ए ग्रेड में अपग्रेड किया जा चुका है। साथ ही लोगों को उम्मीद जागी थी कि रेलवे स्टेशन का कायाकल्प होगा और यहां कुछ बड़ी ट्रेनों का ठहराव दिया जा सकता है।
एक सप्ताह से रेलवे अधिकारियों कर्मचारियों में इस बात को लेकर तेज सुगबुगाहट है कि इटावा- आगरा मेमो पैसेंजर को अगले कुछ दिनों में रेलवे स्टेशन फफूंद से चलाया जाएगा। साथ ही पनकी- लखनऊ पैसेंजर को भी फफूंद से प्रारंभ होने की सुगबुगाहट तेज है।
रेल अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज होने के बाद फफूंद रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जाना प्रारंभ कर दिया गया। बताते हैं कि बिना धन आवंटन के ही रेलवे के अधिकारी अपनी जेब के रुपयों से रंगाई पुताई सफाई का काम करा रहे हैं।
इस संबंध में कई रेलवे के उच्चाधिकारियों से बात की गई, परंतु सभी का यही जबाव आया कि अनौपचारिक तौर पर उन्हें भी सूचना है। औपचारिक तौर पर कोई सूचना नहीं आई है। औपचारिक सूूचना मिलने पर ही ट्रेनों के स्टापेज की तिथि बताई जा सकेगा।
इधर, फफूंद रेलवे स्टेशन पर नवनिर्मित फुट ओवर ब्रिज पर पत्थर बिछाने के काम में भी तेजी आ गई है। भले ही आगरा मेमो के फफूंद से चलने की तिथि अभी तक साफ नहीं हो पाई हो। इसके बावजूद दिबियापुरवासियों में उत्साह है।
यहां बता दें कि वैश्य एकता परिषद ने पिछले दो दिन पूर्व ही डीआरएम को एक ज्ञापन दिया था। इससे पहले मनोनीत सभासद श्रीकृष्ण पिछड़ा भी ज्ञापन भेज चुके हैं।