अजीतमल। महिला पर फर्जी तरीके से जिंदा व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के आरोप ने तूल पकड़ लिया है। मामले की जांच नायब तहसीलदार को सौंपी गई है। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
बाबरपुर कस्बे के मोहल्ला शिवाजी नगर निवासी लक्ष्मण का मृत्यु प्रमाण पत्र उस समय जारी होने का मामला सामने आया है जब वह अस्पताल में भर्ती था। नगर पंचायत ने लक्ष्मण का मृत्यु प्रमाण पत्र चार जनवरी 2025 को जारी कर दिया था, जबकि उस समय वह सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती था। मेडिकल कॉलेज से उसका मृत्यु प्रमाण पत्र चार अक्तूबर 2025 को जारी हुआ। आरोप है कि महिला ने पीएम आवास योजना का पैसा व जमीन हड़पने के लिए खुद को लक्ष्मण की पत्नी बताया। उसने साक्ष्य के तौर पर हलफनामा प्रस्तुत किया। जब आवेदन की जांच हुई तो वह उसी जगह मौजूद मिली। इससे संतुष्ट होकर कर्मचारी ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। कर्मचारी का दावा है कि महिला ने अपना आधार कार्ड भी प्रस्तुत किया, जिसमें उसके पति का नाम लक्ष्मण ही था। उसने साबित किया कि वह लक्ष्मण की पत्नी है। इधर, लक्ष्मण के परिजन की शिकायत पर मामले की जांच नायब तहसीलदार को सौंपी गई है। परिजन कह रहे हैं कि वह उस महिला को जानते भी नहीं हैं। लक्ष्मण की शादी ही नहीं हुई। नायब तहसीलदार प्रतिभा पाल ने बताया कि जल्द जांच कर आख्या प्रस्तुत करेंगे।
महिला ने जो हलफनामा प्रस्तुत किया है, उसमें साफ लिखा है कि उसके द्वारा दी गई जानकारी सही है। यदि इसमें गलती पाई जाती है तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है। जांच में यदि लक्ष्मण के परिजन की शिकायत सही निकली तो महिला को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ जाएगा।