औरैया। पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के दोषी को कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। घटना अछल्दा थाना क्षेत्र में 13 र्माच 2017 की है। ट्रैक्टर चोरी के मामले में कानपुर देहात पुलिस को अछल्दा में बदमाशों के होने की सूचना मिली थी। इसके बाद दरोगा टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे थे। वहां बदमाशों ने टीम पर फायरिंग की थी। दोषी आठ साल से जेल में है, जिससे उसकी रिहाई होना तय है।
कानपुर देहात की कोतवाली भोगनीपुर में तैनात रहे राधा मोहन द्विवेदी आठ साल पहले एक ट्रैक्टर चोरी की विवेचना कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें ट्रैक्टर चोरी करने वाले बदमाशों की सूचना मिली। इस पर वह फोर्स के साथ अछल्दा पहुंचे। वहां थाना पुलिस को साथ लेकर भरथना रोड पर वाहन चेकिंग शुरू की। तभी सामने से आ रही एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया।
कार में बैठे बदमाशों ने जान से मारने की नियत से पुलिस पर फायर झोंक दिया। मुठभेड़ में पुलिस ने बृजेंद्र उर्फ बल्ला और विमल उर्फ खेमराज को गिरफ्तार कर लिया था जबकि विपिन, मंगल सुनील उर्फ रामकुमार भाग निकले थे। बाद में पुलिस ने इटावा के जसवंतनगर निवासी विपिन को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने विवेचना करने के बाद आरोप पत्र अपर सत्र न्यायाधीश प्रस्तुत किया। अभियुक्त विपिन के मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी विनय प्रकाश सिंह ने सुनवाई के बाद विपिन को दोषी ठहराते हुए सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनवाई।
साथ ही दोषी पर 4,500 रुपये का अर्थदंड भी गलाया गया। दोषी ने न्यायालय में जुर्म इकबाल कर प्रार्थना पत्र दिया था। इसका संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने फिरोजाबाद जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित करने का भी आदेश दिया। इससे आठ साल से जेल काट रहे दोषी विपिन की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।