औरैया। हापुड़ के पीड़ित अधिवक्ताओं को न्याय न मिलने को लेकर शुक्रवार को जिला जजी परिसर में अधिवक्ताओं ने कलम बंद हड़ताल कर धरना दिया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल की सरकार के प्रतिनिधि से हुई वार्ता को असमंजस की स्थिति मानते हुए प्रदेश के अन्य जिलों के बार एसोसिएशन के साथ 16 सितंबर को हड़ताल का निर्णय लिया।
शुक्रवार को कचहरी में हड़ताल को लेकर जानकारी देते हुए डीबीए अध्यक्ष सुनील कुमार दुबे ने बताया कि हापुड के पीड़ित अधिवक्ता अभी संतुष्ट नहीं है। इसको लेकर प्रदेश के अन्य जिलों के एसोसिएशन के साथ औरैया के अधिवक्ता भी आंदोलनरत हैं। बताया कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की जो बातचीत सरकार के प्रतिनिधि से हुई है। उस पर असमंजस की स्थिति है। इसको लेकर उनकी ओर से जनरल हाउस की बैठक बुलायी गई थी। जिस पर सर्व सम्मति से कलम बंद हड़ताल करने का निर्णय लिया गया था। कहा कि आज ही के दिन वर्ष 2000 में इटावा जिला जजी परिसर में पुलिस ने अधिवक्ताओं पर लाठी चार्ज किया था। इसको लेकर भी आज के दिन को औरैया जिले के अधिवक्ता काल दिवस के रूप में मनाते हैं। न्यायिक रूप से विरत रहने की एक यह भी वजह है। डीबीए अध्यक्ष ने बताया कि 16 सितंबर को भी अधिवक्ता कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे। साथ ही हापुड़ के अधिवक्ताओं से वार्ता कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस दौरान कचहरी के अधिवक्ता मौजूद रहे।