दिबियापुर। केंद्रीय विद्यालयों में अभी तक कक्षा एक में ऑनलाइन प्रवेश शुरू न होने से अभिभावक परेशान हैं। केंद्रीय विद्यालय से जुड़े शिक्षकों का मानना है कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कक्षा एक से पहले बाल वाटिका संचालन की प्रक्रिया चल रही है। इसके कारण प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने में देरी हो रही है।
देश भर के सभी केंद्रीय विद्यालयों में प्रत्येक वर्ष एक मार्च से सीधे कक्षा एक में आनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाती थी, लेकिन वर्तमान सत्र के लिए अभी तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। इसके चलते अभिभावक स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बारे में पूछताछ के लिए पहुंच रहे हैं। इस संबंध में केंद्रीय विद्यालय से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत केंद्रीय विद्यालयों में कक्षा एक से पहले बाल वाटिका की तीन कक्षाएं संचालित किया जाना तय हुआ था। पिछले सत्र में देश के लगभग ढाई सौ केंद्रीय विद्यालयों में बाल वाटिका-3 संचालित की गई थी। बताते हैं कि इस बार पूरे देश के सभी केंद्रीय विद्यालयों में कक्षा एक से पहले बाल वाटिका-3 संचालित करने की योजना है। इसकी तैयारियों के चलते ही इस बार प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने में देरी हो रही है। शिक्षकों का मानना है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में आनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
अभी तक केंद्रीय विद्यालय में ऑनलाइन प्रवेश की कोई गाइड लाइन नहीं आई है। उम्मीद है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। गीता, प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय, एनटीपीसी
शिक्षकों के अनुसार नई शिक्षा नीति में अब बच्चों का कक्षा एक में सीधे प्रवेश नहीं हो पाएगा। कक्षा एक से पहले बाल वाटिका-1, बाल वाटिका-2 एवं बाल वाटिका-3 संचालित की जानी है। तीन वर्ष तक के बच्चे को बाल वाटिका-1, चार वर्ष तक के बच्चे को बाल वाटिका-2 में एवं तीन में पांच वर्ष के बच्चों की बाल वाटिका-3 में प्रवेश दिया जाना प्रस्तावित है। कक्षा एक में प्रवेश के लिए बच्चे का छह से आठ वर्ष उम्र का होना आवश्यक होगा। पूर्व के वर्षों में कक्षा एक में प्रवेश की उम्र पांच से सात वर्ष के बीच की होती थी। हालांकि बताते हैं कि एनटीपीसी आवासीय परिसर स्थित केंद्रीय विद्यालय में जगह के अभाव के चलते इस बार शायद ही बाल वाटिका-3 की कक्षाएं शुरू हो सकें। इसके चलते यहां सीधे कक्षा एक में ही प्रवेश प्रक्रिया होगी।