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Auraiya News: शासन को भेजी प्रशासकों की पत्रावली, प्रधान बोले-मिले विस्तार

Thu, 14 May 2026 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो-2-सौरभ तिवारी, प्रधान सामलिया। संवाद
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औरैया। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम प्रधानों का पांच साल का कार्यकाल आगामी 26 मई को समाप्त हो रहा है।
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पंचायती राज विभाग ने समय पर चुनाव न हो पाने की स्थिति में गांवों में प्रशासकों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्रावली भेज दी है। ऐसे में प्रधानों को शासन के आदेश का इंतजार है। वह प्रधानों को आगे मौका देने की मांग कर रहे हैं।
ग्राम प्रधानों ने सरकार से अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग शुरू कर दी है। प्रधानों का तर्क है कि उन्होंने पिछले पांच वर्षों में गांव की जमीनी समस्याओं पर काम किया है और वे जनता की जरूरतों से बेहतर तरीके से वाकिफ हैं।
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उनका मानना है कि यदि अधिकारियों को प्रशासक बनाया गया तो विकास कार्यों की गति धीमी हो जाएगी। अधिकारी दफ्तरों में व्यस्त रहते हैं, जबकि प्रधान 24 घंटे जनता के बीच उपलब्ध रहते हैं।
प्रधान संघ का कहना है कि वर्तमान में कई विकास परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। प्रशासक नियुक्त होने से कागजी औपचारिकताएं बढ़ेंगी और गांवों में चल रहे निर्माण कार्य ठप पड़ सकते हैं। अब देखना यह है कि शासन प्रशासकों की नियुक्ति करता है या प्रधानों को ही चुनाव होने तक कार्यवाहक के रूप में जिम्मेदारी सौंपता है।
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बोले प्रधान- हमारा कार्यकाल बढ़ाना चाहिए
हमने पांच साल दिन-रात एक करके गांव में सड़क और नालियों का जाल बिछाया है। प्रशासक के आने से जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए ब्लॉक के चक्कर काटने पड़ेंगे। सरकार को हमारा कार्यकाल बढ़ाना चाहिए।
-सौरभ तिवारी, प्रधान सामलिया।
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एक महिला प्रधान के नाते मैंने गांव की महिलाओं की समस्याओं को समझा है। अधिकारी गांव की संवेदनाओं को नहीं समझते। विकास की निरंतरता के लिए प्रधानों को ही जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
-बिट्टनकुंवरि, प्रधान पुर्वा फकीरे।
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प्रशासक नियुक्त होने का मतलब है विकास पर ब्रेक। अधिकारियों के पास पहले से ही बहुत काम है, वे गांव की गलियों में जाकर समस्याओं का निस्तारण नहीं कर पाएंगे। जनता की भलाई इसी में है कि प्रधानों को मौका मिले।
-राज नरायण सविता, प्रधान कुसमरा।


लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार का महत्व अधिक होता है। हम जनता के प्रति जवाबदेह हैं जबकि अधिकारी सिर्फ फाइलों के प्रति। कार्यकाल बढ़ाकर हमें अधूरे प्रोजेक्ट्स पूरे करने का मौका मिलना चाहिए।
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-भानु राजपूत, प्रधान धनवाली।

फोटो-2-सौरभ तिवारी, प्रधान सामलिया। संवाद

फोटो-2-सौरभ तिवारी, प्रधान सामलिया। संवाद

फोटो-2-सौरभ तिवारी, प्रधान सामलिया। संवाद

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