औरैया। रमजान पर रोजा अफ्तार व तरावीह की नमाज घर में ही पढ़ें। किसी भी तरह की इफ्तार पार्टी व तरावीह की नमाज के लिए कहीं पर भी इकट्ठा न हों। मस्जिदों में सिर्फ तीन व्यक्ति ही जा सकेंगे, जिसमें एक नमाज पढ़ाने वाले (इमाम), एक अजान देने वाले (मुअज्जिन) व एक अन्य व्यक्ति होंगे। सहरी के समय मस्जिदों से किए जाने वाले ऐलान भी सिर्फ तीन बार ही माइक से कम आवाज में हो सकेंगे।
यह फैसला औरैया जिला प्रशासन ने रमजान को देखते हुए लिया है। इस संबंध में गुरुवार को जिले भर के थानों और कोतवाली में बैठक कर सभी क्षेत्रों के मुस्लिम समुदाय के प्रमुख लोगों से बातचीत की गई। साथ ही एडवाइजरी जारी की गई।
औरैया कोतवाली में गुरुवार की शाम को हुई बैठक में एडीएम न्यायिक एमपी सिंह व एएसपी कमलेश दीक्षित, सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव ने बताया कि एक-दो बाद से पाक माह रमजान शुरू हो रहा है। इस माह मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखने के साथ विशेष इबादत करते हैं। जिसमें प्रमुख रूप से तरावीह की नमाज, सहरी और रोजा अफ्तार शामिल रहता है।
इसके लिए औरैया जिला प्रशासन तय किया है कि मस्जिदों में सिर्फ तीन व्यक्ति ही जा सकेंगे, जो कि वहां अजान देंगे और नमाज पढ़ेंगे। इसकी सूची संबंधित समुदाय से मांगी गई है। इसके अलावा रोजा अफ्तार, तरावीह की नमाज और अन्य क्रिया कलाप नहीं कर सकेंगे। अधिकारियों ने अपील की कि लॉकडाउन के चलते प्रशासन का पूरा सहयोग करें। बेहतर होगा कि घरों में रहकर ही रोजा अफ्तार और इबादतों (तरावीह की नमाजों) का एहतिमाम करें। रोजा अफ्तार व तरावीह की नमाज किसी भी पड़ोसी को भी अपने घर में शामिल न करें। इसी तरह अजीतमल कोतवाली, बिधूना कोतवाली व जिले के अन्य थानों में भी बैठक कर यही दिशा निर्देश दिए गए।