औरैया में स्कूली वाहन नियमों को ताक पर रखकर मासूमों की जिंदगी से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे है। स्कूली वाहनों में गैस किट का प्रयोग किया जा रहा है। इतना ही नहीं वाहनों में आग बुझाने का यंत्र तक नहीं हैं। यह लापरवाही संज्ञान में आने पर एआरटीओ ने अभियान चलाकर स्कू ली वाहनों व ओवरलोड चल रहे वाहनों का चालान किया।
प्राइवेट स्कूलों में लगे वाहनों में बच्चों को गैस के सिलिंडर के ऊपर बैठाकर पहुंचाया जाता है। बसों के बोनट पर बैठाकर बच्चों को स्कूल छोड़ा जाता है। एआरटीओ ने चेकिंग अभियान चलाकर लापरवाही को उजागर किया। शहर के दिबियापुर मार्ग पर चेकिंग अभियान चलाकर बिना सीटबेल्ट, हेलमेट व ओवरलोड वाहनों का चालान किया गया। बाल विकास विद्यालय के बच्चों को वैन में बैठाकर लाने व ले जाने का काम कर रही वैन को एआरटीओ ने चेकिंग के लिए रोका। जिसकी डिग्गी खोलने पर सिलिंडर के ऊपर बैठे बच्चे देखे तो हैरान हो गये। कागज चेक करने पर वाहन के कागजात भी नहीं मिले। सिपाही प्रमोद ने बताया कि वाहन के अंदर 16 बच्चों को भूसे की तरह रखा था।
जिससे एआरटीओ ने दूसरे वाहन को बुलवा बच्चों को उसमें सिफ्ट किया। गैस किट लगी वैन का तुरंत चालान काट दिया। कई आटो का चालान काटा गया। जिसमें तीन सवारियों की जगह नौ-नौ सवारियां बैठाकर ला रहे थे। जिनका चालान काटा गया। वाहनों की चेकिंग होते देख बिना हेलमेट व बिना सीट बेल्ट के चल रहे वाहन चालक इधर-उधर भागते नजर आए। कई चालकों को ऐसा दोबारा न करने की चेतावनी देते हुए एआरटीओ ने उन्हें जाने दिया।