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Auraiya News: नहीं मिले सबूत, गवाहों के पलटने से फायरिंग और लूटपाट के आरोपी बरी

Mon, 21 Sep 2026 11:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। बिधूना कोतवाली क्षेत्र में फायरिंग और लूटपाट के एक मामले में सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपी आशू उर्फ आशुतोष को साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने फैसला सुनाया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों और खुद वादी की ओर से अपने बयानों से मुकर जाने के कारण अदालत ने यह निर्णय लिया।
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वादी गौरव कुमार ने 11 दिसंबर 2017 को कोतवाली बिधूना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि 10 दिसंबर 2017 की शाम कुदरकोट चौराहे पर राजीव, अशोक कुमार, अमित शाक्य और आशू उर्फ आशुतोष ने उसके रिश्तेदारों कप्तान सिंह, सतीश कुमार, ध्यान सिंह ने उस पर पिस्तौल व कट्टे से फायर किया तथा पत्नी प्रियंका के जेवर लूट लिए। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

हालांकि, जब सत्र न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई और गवाहों के बयान दर्ज कराए गए, तो पूरा मामला ही पलट गया। वादी मुकदमा गौरव कुमार व घायल साक्षी कप्तान सिंह, ध्यान सिंह, प्रियंका देवी और सतीश कुमार में से किसी भी गवाह ने अभियोजन पक्ष के आरोपों का समर्थन नहीं किया।
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सभी ने अदालत में स्पष्ट रूप से कहा कि आरोपी आशू उर्फ आशुतोष ने उनके ऊपर कोई फायर नहीं किया था और न ही वे उसे पहले से जानते थे। उन्होंने अदालत को बताया कि घटना के वक्त कुछ अज्ञात बदमाशों ने उन्हें घेरा था और धक्का-मुक्की तथा भगदड़ के दौरान वे चोटिल हुए थे। गवाहों के मुकर पर अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।

सोमवार को फैसला सुनाते हुए सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने इस बात पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने वादी गौरव कुमार के खिलाफ अलग से आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा अदालत ने आरोपी आशू उर्फ आशुतोष को सभी आरोपों से बरी करते हुए उसके जमानत मुचलकों को पाबंदियों से मुक्त कर दिया है।
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