फफूंद (औरैया)। गांव खगीपुर में बुधवार को तड़के एक मजदूर के मकान की कच्ची दीवार छप्पर सहित ढह गई। छप्पर के नीचे सो रहे दंपति व उसके छह बच्चे मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
चीख पुकार सुनकर गांव वालों ने पहुंचकर मलबे में दबे परिवार को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से सभी घायलों को सीएचसी दिबियापुर पहुंचाया। वहां दंपति व एक बच्चे की हालत ज्यादा गंभीर देख डॉक्टरों ने सैफई रेफर कर दिया।
फफूंद थाना क्षेत्र के गांव खगीपुर निवासी हाकिम सिंह (45) पुत्र स्व. शंकरलाल दोहरे पत्नी रजनी देवी (40) व अपने छह बच्चों विनीत (12), मोना (11), उपेंद्र (8) रूपेंद्र (7) विमला (6) व कुसुम (1) के साथ अपने कच्चे मकान में सो रहा था। सुबह तकरीबन 5:30 बजे एकाएक छप्पर सहित कच्ची दीवार भरभरा कर ढह गई। छप्पर के नीचे सो रहा पूरा परिवार मलबे में दब गया।
दीवार गिरने व चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों ने पहुंचकर दंपति व बच्चों को मलबे से निकाला और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सीओ अजीतमल कमलेश पांडेय, डायल 100 तथा थाने पुलिस व एंबुलेंस पहुंच गई। घायलों को सीएचसी दिबियापुर पहुंचाया। वहां से गंभीर रूप से घायल पति-पत्नी और एक बच्चे उपेंद्र को सैफई रेफर कर दिया गया। बाकी बच्चों को इलाज किया जा रहा है।
उधर, ग्रामीणों के अनुसार हाकिम सिंह मेहनत मजदूरी कर परिवार को पालता है। उसकी आर्थिक स्थिति दयनीय है। एक बीघा से भी कम भूमि है। पात्र होने के बाद भी दो वर्षों से आवास के लिए प्रधान, सचिव व अन्य अधिकारियों से फरियाद कर रहा था, पर अभी तक उसकी नहीं सुनी गई। उसको यदि पक्का आवास मिल जाता तो यह हादसा नहीं होता।