अछल्दा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
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औरैया। जिले की पांच सीएचसी के प्रसूता कक्ष में एसी न होने की वजह से प्रसूताओं को इस भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सीएमएओ ने जिले के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लेबर रूम (प्रसव कक्ष) में एसी लगाने के लिए प्रक्रिया शुरू की है। जल्द ही एसी लगा कर गर्मी से निजात दिलाई जाएगी।
इन दिनों जिले का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक है। सबसे अधिक गर्मी व धूप तेज का सामना दोपहर में करना पड़ता है। ऐसे में अगर किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर जिले के बिधूना, अयाना, अछल्दा, अजीतमल व दिबियापुर सीएचसी में जाना पड़ता है तो वे और भी परेशान हो जाती हैं। क्योंकि इन सीएचसी में एसी की सुविधा नहीं है।
इस भीषण व उमस भरी गर्मी के कारण प्रसूताओं के ब्लड प्रेशर में उतर चढ़ाव व घबराहट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। कई बार तो गर्मी की वजह से महिलाओं की तबियत तक खराब होने लगती है। ऐसे में फिर उनको जिला अस्पताल, सैफई व कन्नौज रेफर करना पड़ता है। यह समस्या देखते हुए सीएमओ ने सीएचसी का निरीक्षण कराकर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को परखा।
रिपोर्ट तैयार कर जिले की बिधूना, अयाना, अछल्दा, अजीतमल व दिबियापुर सीएचसी के प्रसव कक्ष में एसी लगाए जाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि जिले की सातों सीएचसी में प्रसूता कक्ष है। सभी में प्रसव कराने की सुविधा है। इनमें से सिर्फ सहार व एरवाकटरा के प्रसूता कक्ष में एसी लगे हैं। जिन पांच सीएचसी में एसी नहीं है, उसके लिए एसी लगाने की प्रक्रिया की जा रही है। जिससे प्रसूताओं को गर्मी में राहत मिले।