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मंडी शुल्क के विरोध में आढ़तियों ने बंद किए प्रतिष्ठान

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औरैया। मंडी शुल्क के विरोध में सोमवार से आढ़ती छह दिन की हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के पहले दिन आढ़तियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध प्रकट किया। किसी तरह का विरोध प्रदर्शन या सभा आदि नहीं किया। मंगलवार से मंडी गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू होगा।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) के आह्वान पर आढ़तियों की यह छह दिवसीय हड़ताल शुरू हुई है। हड़ताल के चलते सोमवार को मंडी की सभी आढ़तें बंद रही। इसके चलते मंडी में पूरे दिन सन्नाटा छाया रहा। फसल लेकर पहुंचे किसान मंडी बंद देख अपनी फसलों को मंडी के बाहर बेचा। गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष शिवकांत पाठक ने बताया कि मंडी बंद की घोषणा शनिवार को कर दी गई थी। इसके चलते मंडी शुल्क के विरोध में आढ़तियों ने स्वेच्छा से आढ़तें बंद रखी। व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेयी बबलू ने बताया कि सुबह के समय व्यापारी संगठन के पदाधिकारी मंडी गए थे। लेकिन मंडी बंद देख वह घूमकर वापस लौट गए।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार से मंडी गेट पर धरना व प्रदर्शन शुरू होंगे। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं.श्याम बिहारी मिश्रा के आह्वान पर 21 से 26 सितंबर तक के लिए मंडी बंद की गई है। पहले दिन किसी तरह का कोई प्रदर्शन नहीं करना था। दूसरे दिन से मंगलवार से आढ़ती और व्यापारी धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि देश में उत्तर प्रदेश की मंडियों में ही केवल आढ़तियों से ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क की वसूली की जा रही है। जबकि अन्य प्रदेशों की मंडियों में आढ़तियों से किसी तरह को कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। आढ़तियों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर नगर अध्यक्ष अमर विश्नोई के अलावा जमाली सिंह, विपिन मित्तल, राम कुमार विश्नोई, हरमिंद सिंह, विवेक पाठक, जशोदा नंदन व पिंकू गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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