हरदोई। पंचायत के चुनाव वैसे तो टल ही गए हैं लेकिन 10 जून को पंचायत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होना प्रस्तावित है। वहीं राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से एआई से चिह्नित 12.81 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं में से 12.78 लाख मतदाताओं को आधार के अंतिम चार अंकों ने फिर से मताधिकार दिलाया है।
चुनाव के मद्देनजर पंचायत की शुद्ध मतदाता सूची तैयार करने के लिए और एआई के माध्यम से डुप्लीकेट मतदाता भी चिह्नित किए जा रहे हैं। एआई के माध्यम से तीसरी बार संभावित डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित कर उनका सत्यापन कराया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिले के 19 विकास खंड और 1,293 ग्राम पंचायतों में 12,81,074 नामों के मतदाताओं को संभावित डुप्लीकेट के रूप में चिह्नित किए जाने की जानकारी दी। इन मतदाताओं के सत्यापन कराए जाने की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कहा।
प्रशासन की तरफ से संभावित डुप्लीकेट 12,81,074 मतदाताओं का बूथ लेवल ऑफिसर के माध्यम से सत्यापन कराया गया। सत्यापन के समय डुप्लीकेट मतदाता सूची में शामिल नाम के मतदाता के आधार के अंतिम चार अंकों को आयोग के पोर्टल पर फीड किए जाने की व्यवस्था दी है। बीएलओ की तरफ से आधार के अंतिम चार अंक पोर्टल पर फीड किए जाने से 12,78,212 मतदाता सही पाए गए और उन सभी को मताधिकार मिल गया है। सत्यापन में 23,132 मतदाताओं का कोई आधार नहीं मिला, इससे इन नामों को सूची से हटवा दिया गया है।
लोकतंत्र में मत का बड़ा महत्व है। पंचायत चुनाव में एक-एक मत गांव की सरकार चुनने में बड़ी भागीदारी निभाता है। ऐसे में पंचायत की मतदाता सूची का शुद्ध और सही-सही होना आवश्यक है। इससे चुनाव के समय तमाम विवादों पर विराम भी लगता है। वास्तविक व्यक्ति को मताधिकार मिलता है। ब्लॉकवार संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन कराया जा रहा है। सांडी में ही केवल 2,862 मतदाताओं का सत्यापन होना बाकी है। 18 विकास खंडों में सत्यापन पूरा हो चुका है। -अनुनय झा, जिला निर्वाचन अधिकारी