एरवाकटरा (औरैया)। थाना क्षेत्र के एक गांव में बुधवार को एक युवती ने शादी से पहले घर में बच्ची को जन्म देने के बाद उसे शौचालय में छोड़ दिया। बच्चे को रोने की आवाज सुनकर मामला खुल गया। घरवाले पुलिस के पास पहुंच गए तो युवक के परिजन से गहमा-गहमी हो गई। बाद में ससुरालवालों ने युवती और बच्ची को अपना लिया।
बुधवार सुबह एक युवती ने बच्ची को जन्म दिया। समाज के डर और लोकलाज के चलते युवती बच्ची को कपड़े में लपेटकर शौचालय में ही छोड़कर अपने कमरे में वापस आ गई। सुबह करीब छह बजे जब युवती की मां मवेशियों को चारा देने गई, तब बच्ची के रोने की आवाज सुनकर उन्हें पूरी घटना का पता चला। इससे परिजन नाराज हो गए।
युवती के परिजन के अनुसार उन्होंने बेटी की शादी एक वर्ष पहले अपनी ननद के बेटे के साथ तय की थी। रिश्तेदारी होने के कारण युवक का घर पर पहले से ही आना-जाना था। दोनों की शादी कुछ महीने बाद होनी है। इससे पहले ही बेटी गर्भवती हो गई।
उधर, शादी से पहले बच्ची के जन्म की सूचना युवती के पिता ने पुलिस को दी। साथ ही युवक के परिजन को भी अवगत कराया तो पहले दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। हालांकि, शाम को युवक के परिजन मौके पर पहुंचे और बच्ची के साथ युवती को अपनी पुत्रवधू के रूप में स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही दोनों की शादी करेंगे।
पुलिस की मौजूदगी में सुलझा मामला
मामले की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष एरवाकटरा जीतमल चौधरी ने बताया कि पुलिस मौके पर गई थी। दोनों पक्षों ने आपस में बैठकर बात की और आपसी सहमति से समस्या का निस्तारण कर लिया। दोनों परिवार अब जल्द ही विवाह की रस्मों को औपचारिक रूप देने की तैयारी कर रहे हैं।