अजीतमल (औरैया)। गांव सेऊपुर में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। तीन दिन से बुखार से पीड़ित एक वृद्धा ने गुरुवार को दम तोड़ दिया। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम तीन दिन से गांव में डेरा डाले है। बुखार पीड़ितों का परीक्षण किया जा रहा है। मरीजों के खून की जांच कर दवाएं आदि दी जा रही है।
गांव सेऊपुर में तीन दिन से बुखार से पीड़ित वृद्धा सरस्वती (80) पत्नी हृदयनारायण की मौत हो गई। दो दिन पहले सरस्वती को बुखार के चलते सीएचसी अजीतमल लाया गया था। वहां से डाक्टरों ने सैफई रेफर किया था। डॉक्टरों की सलाह पर परिजन सरस्वती को घर लाए। गुरुवार को सरस्वती की मौत हो गई। शुक्रवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. विमल के निर्देशन में डाक्टरों की टीम ने गांव में कैंप लगाकर के मरीजों का निरीक्षण किया और दवा वितरण की। साथ ही बुखार से पीड़ित 28 मरीजों का परीक्षण किया गया, 16 मरीजों की खून का सैंपल लेकर स्लाइड बनाईं। सीएचसी अधीक्षक डॉ.विमल ने बताया कि अभी तक लगभग 350 मरीजों का परीक्षण किया गया तथा 175 मरीजों की स्लाइड तैयार की गई, 18 मरीजों के सैंपल को सैफई भेजा गया है।
उधर, गांव सेऊपुर में बुखार के प्रकोप के चलते डेंगूू बुखार की आशंका से सीएचसी अजीतमल से अभी तक 18 मरीजों की स्लाइडें मिनी पीजीआई सैफई भेजी गयी है, लेकिन वहां पर भी भीड़ अधिक होने के चलते अभी तक एक भी स्लाइड का परीक्षण होकर नहीं आया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विमल ने बताया कि सैफई में भी अधिक भीड़ चल रही है, जिसके चलते स्लाइडों का परीक्षण नहीं हो पा रहा है।