एरवाकटरा (औरैया)। किशनी-बिधूना मार्ग पर सोमवार को सुखाया जा रहा मक्का जानलेवा बन गया। इस सड़क पर एक ही तरफ चल रहे वाहनों के चलते जयसिंहपुर तिराहे के पास एक ट्रैक्टर चालक ने बाइक सवार परिवार को टक्कर मार दी।
सड़क पर दूसरी तरफ मक्का सूख रहा था, इससे बाइक चालक संभल नहीं पाया। हादसे में तीन साल के बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि घायल मां की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। पिता-बेटी भी घायल हो गए। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।
इटावा जनपद के ऊसराहार थानाक्षेत्र के बम्हनीपुर गांव निवासी गौरव सक्सेना (31) अपनी पत्नी पूजा (30) के साथ सोमवार सुबह बाइक से बिधूना के बरधैया मोहल्ले में रहने वाली बुआ गुड्डन देवी के घर जा रहे थे। उनके साथ बेटी काव्या (07) व बेटा हार्दिक (03) भी थे। उनकी बाइक एरवा किशनी रोड पर स्थित जयसिंहपुर तिराहे पर पहुंची, तभी पीछे से आई मक्का लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने ओवरटेक करने में उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
ट्रैक्टर की टक्कर से गौरव का बेटा हार्दिक उछलकर दूर जा गिरा। सिर में चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कमर से ट्रैक्टर का पहिया निकलने से पूजा भी घायल हो गईं। हादसे में गौरव व बेटी काव्या को भी चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि सड़क पर एक तरफ मक्का सुखाया जा रहा था। इस वजह से वहां पर वनवे ट्रैफिक चल रहा था। तभी हादसा हो गया।
मौके पर पहुंचे उमरैन चौकी इंचार्ज मूलेंद्र चौहान ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने हार्दिक को मृत घोषित कर दिया, वहीं घायल पूजा को सैफई रेफर किया। रास्ते में पूजा की भी मौत हो गई। थाना प्रभारी जीतमल चौधरी ने बताया कि हादसे में मां-बेटे की मौत हुई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
बेटे की मन्नत पूरी करने से पहले आ गई मौत
बम्हनीपुर निवासी गौरव ने बताया कि शादी के करीब दो वर्ष बाद पूजा ने बेटी काव्या को जन्म दिया था। इसके बाद तीन वर्ष तक बच्चे नहीं हुए। इस पर बिधूना के बरधैया मोहल्ले में रहने वाली बुआ गुड्डन देवी ने गौरव के बेटा होने पर दुर्गा मंदिर में पूजा पाठ कर संकटा माता का प्रसाद बांटने को कहा था। सोमवार को गौरव पत्नी और बच्चों के साथ बुआ के घर ही जा रहा था। तभी हादसा हो गया। बेटे का शव देखकर गौरव और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। गौरव बार-बार यही कह रहा था कि मन्नत पूरी करने से पहले ही बेटा चला गया।
हादसे की वजह बन रहा सड़क पर सूख रहा मक्का
कोलकाता से कन्याकुमारी तक एनएच 2 पर स्थित सिरसागंज से किशनी बिधूना होते हुए कानपुर का शॉर्टकट रास्ता है। अधिकांश ट्रक ड्राइवर दूरी और टोल बचाने के लिए इसी रास्ते से कानपुर आते-जाते हैं। इससे यह रूट काफी व्यस्त रहता है।
प्रतिदिन हजारों ट्रक,डंपर और निजी वाहन इस रास्ते से गुजरते है। इधर, किसान सड़क पर मक्के की फसल सुखा रहे हैं, लेकिन सड़क पर सुखाया जा रहा मक्का सड़क हादसों की वजह बन रहा है। इसके बाद फिर भी जिम्मेदार अंजान बने हुए हैं।
समय रहते प्रशासन कार्रवाई करता है तो शायद मां और बेटे को जान न गंवानी पड़ती। उधर, एक हफ्ते पहले बाइक सवार दंपती भी सड़क पर सूख रहे मक्के के कारण गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।