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दुकानदार बोले, अब दोबारा यहां आना न हो

Sat, 31 Jan 2015 05:30 AM IST
Auraiya
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औरैया। औरैया की शान यानि औरैया महोत्सव। भले ही यहां के लोग इस महोत्सव से संतुष्ट हों और उन्हें स्वस्थ मनोरंजन का लुत्फ उठाने का भरपूर मौका मिला हो, लेकिन महोत्सव में लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं दुकानें और आइटम प्रोग्राम करने वाले और दुकानदार इससे कतई संतुष्ट नहीं हैं। जिला प्रशासन की कथनी-करनी में विषमता के शिकार हुए बाहर से आए दुकानदार खट्टा अनुभव लेकर महोत्सव से रुखसत हो रहे हैं।
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जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव के महत्वाकांछी औरैया महोत्सव आयोजन को लेकर स्थान चयन में हुई देरी के चलते प्रशासन की ओर से ठेकेदार व दुकानदारों के प्रति अवसरवादी नीति अपनाई गई। पहले उन्हें 15 से 25 तक और उसके बाद एक फरवरी तक महोत्सव आयोजित होने का लालच दिया गया। समय पर महोत्सव का स्थान निर्धारित न होने से प्रशासन ने महोत्सव की तिथियां परिवर्तित करते हुए 18 से 24 जनवरी कर दी। तब तक महोत्सव का ठेकेदार और उससे जुड़े बाहर के दुकानदार प्रशासन की लच्छेदार बातों में फंसकर अपनी दुकानें लगा चुके थे।
खराब मौसम के बाद हुई बारिश ने महोत्सव के दो दिन धोकर रख दिए। मौसम खुला तो महोत्सव में प्रशासनिक कार्यक्रमों की 24 जनवरी को इतिश्री हो गई। महोत्सव कार्यक्रम समाप्त होते ही पब्लिक ने भी आयोजन से किनारा कर लिया। दुकानदारों की उम्मीदों के ताबूत पर पालिका परिषद की औरैया नुमाइश के शुभारंभ ने आखिरी कील ठोंक दी। वादे के मुताबिक न तो प्रशासन की ओर से महोत्सव में कार्यकमों की संख्या बढ़ाई गई और न ही दुकानदारों को रहने-खाने और ठहरने के साथ ही उनके सुरक्षा के इंतजाम बरकरार रखे गए।
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शुक्रवार को जिला प्रशासन की इस अवरसरवादी नीति का हवाला देकर जब अमर उजाला की टीम महोत्सव स्थल पर पहुंची तो आहत दुकानदार एक स्वर में बोले, अब दोबारा लौटकर यहां आना न हो।
सामान का भी नहीं निकला भाड़ा - औरैया महोत्सव में पीलीभीत उत्तराखंड के महोत्सव करके यहां हस्तशिल्प की दुकान लगाने आए गाजियाबाद के दुकानदार गुलफाम प्रशासन की दोहरी नीति के शिकार हुए हैं। कहते हैं कि महोत्सव में हम दुकानदारों को चार दिन का ही बिक्री का समय मिल सका, जबकि उनसे वादा 15 दिन तक महोत्सव में दुकान लगाने का किया गया था। नुकसान से कुपित गुलफाम कहते हैं कि हमारा तो पीलीभीति से यहां तक सामान लाने और ले जाने का भाड़ा भी नहीं निकल सका।
अरे साहब, टूटी कुर्सियों के नुकसान की करें भरपाई- औरैया। औरैया महोत्सव के अंतिम म्यूजिकल नाइट कार्यक्रम के दौरान पंडाल में सीट न मिलने से खफा लोगों द्वारा किए गए 250 प्लास्टिक कुर्सियों का नुकसान भी प्रशासन ने ठेकेदार राकेश दीक्षित के सिर मढ़ दिया। पहले से नुकसान की गर्त से बिलबला रहा ठेकेदार प्रशासन से नुकसान की भरपाई को गुहार लगा रहा है।
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