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राष्ट्रीय लोक अदालत 23 को

Tue, 22 Oct 2013 05:41 AM IST
Auraiya
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औरैया। पूरे देश में 23 नवंबर को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी में जिला जजी प्रशासन जोरशोर से जुटा है। इस अदालत की खासियत है कि इसमें निपटे मुकदमों की अपील किसी भी अदालत में नहीं हो सकेगी। इसमें अन्य मुकदमों के अलावा पति-पत्नी विवाद और एक्सीडेंट क्लेम के मुकदमों पर ज्यादा जोर दिया जाएगा।
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जिला जज उदय नारायन सिंह ने जिला जजी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि राष्ट्रीय अदालत पूरे जिले में लगेगी। जिसमें सुलह-समझौते के माध्यम से मुकदमों का निस्तारण होगा। बताया कि पति-पत्नी से संबंधित व एक्सीडेंट से संबंधित मामलों पर इस अदालत में विशेष जोर दिया जाएगा। क्योंकि पति-पत्नी से संबंधित एक मुकदमा दायर होने पर धीरे-धीरे संख्या बढ़कर पांच मुकदमों तक पहुंच जाती है। जिससे न्यायालयों में लंबित मुकदमों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती है। इसके साथ ही एक्सीडेंट क्लेम के मामलों में पीड़ित को पंद्रह दिन में भुगतान कराया जाएगा। बताया कि इस अदालत में निस्तारित दीवानी के मामलों में अन्य न्यायालय में चल रहे मुकदमे के दौरान जमा की गई फीस भी वापस हो जाएगी। जिला जज सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में वे मुकदमे भी लाए जा सकते हैं जो अभी तक किसी भी न्यायालय में नहीं आए हैं। बताया कि एडीजे एंटी डकैती राजेंद्र कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस दौरान एडीजे राजेंद्र कुमार, एडीजे महेंद्र कुमार, एडीजे केपी सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कुसुमलता राठौर मौजूद रहे।
इनसेट-
लंबित वादों को कम करना होगा लक्ष्य
औरैया। जिले की विभिन्न अदालतों में वर्तमान में 34699 वाद लंबित हैं। जिसमें राष्ट्रीय लोक अदालत में 5585 मुकदमों को निपटाने को संदर्भित किया गया है। इन मुकदमों में 14813 वाद लोक अदालत स्तर पर लंबित हैं। इस संबंध में जिला जज उदय नरायन सिंह ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पीड़ित को न्याय दिलाना और लंबित मुकदमों की संख्या कम करना है।
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