dlअमर उजाला ब्यूरो
औरैया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में शहर में महिलाओं की रैली निकाली गई। पुरानी कलेक्ट्रेट से शुरू हुई रैली शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई ब्लाक सभागार में गोष्ठी में परिवर्तित हो गई। इस दौरान गोष्ठी में कन्या भ्रूण हत्या व महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों पर चर्चा की गई।
पुरानी कलेक्ट्रेट से सुबह रैली का शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एनके एस यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान रैली सुभाष चौक, संजय गेट, जिला अस्पताल रोड, तकिया मोहाल होती हुई ब्लाक सभागार में जाकर एक गोष्ठी में परिवर्तित हो गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डा.यादव ने कहा कि वर्तमान परिवेश में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों से बुद्धिजीवी वर्ग बुरी तरह से पीड़ित है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा.प्रवीण रायजादा ने कहा कि इस देश में महिला को माता की उपाधि से विभूषित किया गया है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा.मेजर रणवीर सिंह, डा.आरएन त्रिपाठी, डा.सुधीर मोहन, डा.सत्यपाल कटियार, डा.विष्णु, आदि मौजूद रहे।
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एक ओर सम्मान तो दूसरी ओर गई जान
औरैया। जहां समूचा जगत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कसीदे पढ़ रहा था। जिले में सरकारी और गैरसरकारी संस्थाएं महिमा मंडित कर महिलाओं का सम्मान कर रही थी। वहीं दूसरी ओर परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना कर रही महिला की हत्या की घटना ने समाज को फिर से सोचने को मजबूर कर दिया है। बेटी की माने तो बार-बार बिलखते हुए कह रही थी कि मेरी मां ने यह तो न सोचा था। पति जगदीश के हाथों मौत का शिकार हुई सुमन को शायद अपने दोष का भी पता न हो, पर अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर पति के हाथोें ही उसकी हत्या होना समाज के लिए प्रश्नचिंह है। घटना पर पूर्व प्रधान विद्या सिंह सेंगर ने कहा कि नारी तू ज्वाला है, तेरा अंदाज निराला है, भले ही समाज में नारी सशक्तीकरण की ढोल पीटकर महिलाओं का मान बढ़ाया जा रहा हो, पर आज भी महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित हैं। मृतका सुमन का ही मामला लें नौकरी पेशा होते हुए भी शराबी पति की दुत्कार और बेटों का प्यार उसकी जान का कारण बना। महिला सामाख्या की शंकुतला देवी कहती है कि शायद पहला ऐसा वाक्या हो जब इस महत्वपूर्ण दिवस पर किसी महिला की अपने सुहाग के हाथों मौत हुई हो। यह वाक्या पूरे समाज के लिए सोचने का विषय है। नगर पलिका चेयरमैन नरेंद्र कौर ने भी समाज में नारी समानता के दावों पर प्रश्नचिंह लगाया। घटना की तो निंदा की ही साथ ही नारी अत्याचार का भी प्रश्न उठाया। कहा कि सुखद समाज की परिकल्पना सुखी नारी के बगैर अधूरी है। डायट अतिथि प्रवक्ता स्वेता तोमर ने जब पूरा वाक्या सुना तो बोली घर में छली जा रही है नारी, अपने ही दे रहे धोखे, कैसे रहें महिलाएं सुरक्षित यह आज के समाज के लिए यक्ष प्रश्न है।
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उत्पीड़न रुके तभी होगा महिला सशक्तीकरण
दिबियापुर ( औरैया )। विश्व महिला दिवस पर दिबियापुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को नगर पंचायत दिबियापुर अध्यक्ष शीला गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली से यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता जैसी अवधारणा बनाने का आह्वाहन किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर के अधीक्षक डा.डीपी आर्या ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले किसी भी तरह के उत्पीड़न को रोकना होगा। तभी महिला सशक्तीकरण का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने लोगों से जन्म से पूर्व लिंग परीक्षण जैसे कुरीतियों से बचने की अपील की। इस दौरान अधीक्षक डा.डीपी आर्या के साथ स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी विवेक त्रिवेदी, डा.शशिराज सक्सेना, डा.अरुण कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
हीन भावना को मन से निकालें महिलाएं
औरैया। जायंट्स ग्रुफ ऑफ औरेया सहेली शाखा के तत्वावधान में चौधरी विशंभर सिंह भारतीय विद्यालय इंटर कालेज के सभागार में शुक्रवार को महिला दिवस पर गोष्ठी हुई। अध्यक्षता विद्यालय प्रधानाचार्य गीता चतुर्वेदी ने की। ग्रुप की संस्थापक अध्यक्ष प्रो. आशा विश्नोई ने कहा कि आज की नारी को जागरूक होकर कठिन से कठिन कार्यों को पूरा करने के लिए खुद को तैयार करना होगा। महिलाएं अपने मन से हीन भावना को निकाल दें। तभी महिला दिवस मनाने का उद्देश्य सफल होगा। पूनम पुरवार ने आभार माना। आशा गुप्ता, राजो गुप्ता, ज्योति विश्नोई, नीलम लोहिया, राधा पुरवार, अंजना गुप्ता, राधा पोरवाल आदि मौजूद रहीं।