औरैया। चाइल्ड दिवस पर गुरुवार को शहर के पुरानी कलेक्ट्रेट से रैली निकाली गई। इसके बाद ब्लाक सभागार में कार्यशाला हुई। इसमें कन्याभ्रूण हत्या, दहेज उत्पीड़न पर चर्चा हुई।
रैली को सीएमओ डा. एन.के.एस यादव ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में शहर के विभिन्न स्कूलों के बच्चे मौजूद रहे। कार्यशाला में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एन.के.एस यादव ने कहा कि लोगों को लड़का और लड़की के साथ सामान व्यवहार करना चाहिए।
लड़की को भी शिक्षा का बराबर हक मिलना चाहिए। एसडीएम सीएल सोनकर ने कहा कि लोग कन्या भ्रूण हत्या करवा रहे हैं। इससे कन्याओं की संख्या कम हुई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी प्रवीण रायजादा, जिला क्षय रोग अधिकारी बीके मिश्रा, डा. सतीशचंद्र कटियार, डा. राहुल कुमार, सचिन गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।
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‘नारी सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी’
dlअमर उजाला ब्यूरो
अछल्दा(औरैया)। बालिका दिवस के अवसर पर गुरुवार को ब्लाक सभागार में विचार गोष्ठी हुई। इसमें वक्ताओं ने नारी सुरक्षा के लिए समाज के हर व्यक्ति को जिम्मेदारी समझने का आह्वान किया। गोष्ठी में खंड विकास अधिकारी आरसी यादव ने कहा कि समाज में बढ़ती नारी हिंसा बहुत सोचनीय विषय है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह नारियों की सुरक्षा एवं सम्मान के प्रति गंभीर और जवाबदेह बने। गोष्ठी के बाद स्कूली बच्चों ने जागरूकता रैली निकाली। विधायक प्रदीप यादव ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।
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भ्रूण हत्या के खिलाफ किया जागरूक
dlअमर उजाला ब्यूरो
अजीतमल(औरैया)। गर्ल्स चाइल्ड डे पर ब्लाक परिसर में गोष्ठी हुई। इसके बाद बच्चों ने रैली निकालकर कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। प्रांतीय शिक्षक नेता विपिन तिवारी ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने में सबसे अहम भूमिका स्वास्थ्य विभाग की बताई। बीडीओ एके वैश्य, डा. जेएन सिंह, डा. सुबोध दीक्षित, खंडशिक्षा अधिकारी विनोद पांडेय, भगवत स्वरूप विश्नोई आदि ने भी अपने विचार रखे ।
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बेटी कुदरत का उपहार
dlअमर उजाला ब्यूरो
दिबियापुर ( औरैया )। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर एवं ब्लाक संसाधन केंद्र भाग्यनगर के संयोजन में गर्ल्स चाइल्ड डे पर नगर भर में बच्चों की रैली निकाली गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर से लगभग दो सैकड़ा बच्चों की रैली शुरू हुई।
रैली में बेटों से बेटी भली, क्यों जनम से पूर्व उसकी बलि..., बेटे हैं अंश बेटियां हैं वंश..., बेटी कुदरत का उपहार नहीं करो उसका तिरस्कार..., जो बेटी को दे पहचान माता पिता वही महान..., बेटी तो घर में जरूरी है वो नहीं कोई मजबूरी है... जैसे तमाम नारे लिखी तख्तियां लेकर बच्चे नगर के सभी प्रमुख रास्तों से होकर गुजरे। सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.डीपी आर्या, बीआरसी वरिष्ठ सहसमनव्यक लोकेश शुक्ला, शंकर शरण शुक्ला ने कई जानकारियां दीं।