झींझक(कानपुर देहात)/कंचौसी(औरैया)। लखनऊ में बुधवार को हुए संघर्ष में घायल युवक की शुक्रवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। शव शुक्रवार को उसके पैत्रक गांव नगला बान लाया गया। शव आते ही भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। शनिवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
थाना मंगलपुर के ग्राम नगला बान निवासी अशोक यादव परिवार सहित लखनऊ में रहते हैं। 16 जनवरी 2013 को पुत्र और बैंक कर्मचारी वेद प्रकाश यादव (27) अपने निर्माणाधीन मकान में पिता को खाना देने जा रहा था। उस दौरान भड़के संघर्ष में उपद्रवियों की गोली उसे लग गई। उसे लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां गुरुवार को हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दोपहर को वेदप्रकाश का शव कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गांव लाया गया। शव को देखते ही बहन पूजा और मां गुड्डी देवी बदहवास हो गए। सूर्यास्त हो जाने के कारण शुक्रवार को अंतिम संस्कार नहीं हो सका। ब्लाक प्रमुख झींझक रामजानकी यादव, सुधीर गुप्ता, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि गजेंद्र सिंह यादव, राजेंद्र सिंह गौर, राजीव सिंह, प्रधान अवधेश यादव आदि ने मौके पर पहुंचकर शोक जताया। मौके पर मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशुन ने बताया कि बुधवार को लखनऊ में हुए उपद्रव के दौरान धोखे से गोली लग जाने से वेद प्रकाश की मौत हुई है। वहीं, वेदप्रकाश की मौत से आहत गांववालों के घरों में चूल्हे नहीं जले। गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा और भंडारे के आयोजन को स्थगित कर दिया गया।