औरैया। अभियान को 43 दिन हो चुके हैं, लेकिन पुलिस सौ फीसदी व्यावसायिक वाहनों का पंजीयन करा नहीं सकी है। अब तक महज 25 फीसद व्यावसायिक वाहनों के पंजीयन हुए हैं।
75 फीसदी व्यावसायिक वाहनों का पंजीयन कार्य अधूरा है। अब पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर बिना रजिस्ट्रेशन के वाहनों को रोककर उन्हें क्यूआर कोड जारी करने में जुटी है।
दरअसल, शासन ने वाहनों के रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए थे। साथ ही पंजीयन के बाद जारी क्यूआर कोड वाहन पर चस्पा करने के आदेश हुए थे। इस पर औरैया पुलिस ने 27 जुलाई को ऑटो व ई-रिक्शा सहित अन्य व्यावसायिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन का अभियान शुरू किया था। शुरुआत में तो अभियान में तेजी दिखी, लेकिन वक्त बीतने के साथ ही अभियान की रफ्तार सुस्त हो गई।
अब यहां की सड़कों पर फर्राटा भर रहे 18 हजार वाहनों में से महज साढ़े चार हजार वाहनों के रजिस्ट्रेशन कर उन्हें क्यूआर कोड जारी हो पाए। जबकि अभियान को डेढ़ माह होने को है। ऐसे में अब सीओ यातायात सृष्टि सिंह ने पुलिस को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को पुलिस ने ऑटो व ई-रिक्शा को रोककर उनका पंजीयन कराया और क्यूआर कोड जारी किए। बाद में उन्हें आगे जाने की अनुमति दी। सीओ यातायात सृष्टि सिंह ने बताया कि वाहन में बैठने से पहले उसमे लगे क्यूआर कोड की फोटो कर लें। वाहन में बैठने से पहले उसे परिवार को साझा कर दें।
उन्होंने बताया कि क्यूआर स्कैन करते ही चालक, उसके मालिक का नाम, पता, मोबाइल नंबर आपके फोन में उपलब्ध हो जाएगा। यहीं नहीं स्कैन करते ही चालक समेत मालिक की फोटो भी आ जाएगी।