औरैया। औरैया डिपो जगह को लेकर पिछले दो सालों से चर्चा में बना हुआ है। इसी वजह से डिपो को मिलने वाली 12 नई बसों की सौगात छिन गई है। कंडम बसों को हटाने के आदेश को भी टाल दिया गया है। फिलहाल यात्रियों को खटारा बसों से ही यात्रा को मजबूर रहना होगा। हालांकि विभागीय शासन से कुंभ मेले को देखते हुए कुछ नई बसें मुहैया कराए जाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा औरैया डिपो में 78 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें अधिकांश खटारा हैं। एक दर्जन बसें तो आएदिन डिपो परिसर में खड़ी रहतीं हैं। शासन द्वारा औरैया डिपो को भी एक महीने पहले हुई बैठक में 12 नई बसें देने की बात कही गई थी। इसकी कागजी कार्रवाई भी हुई लेकिन बसों के आने से पहले शासन ने यह कहकर नई बसें देने से इंकार कर दिया कि डिपो के पास बसों को खड़ी करने की जगह का अभाव है। जगह न होने से बसें क्षतिग्रस्त हो रहीं हैं और ज्यादातर बसें सड़क पर खड़ी रहती हैं।
लंबे रूटों की बसें तो यहां से यात्रियों को मिलती हैं लेकिन 100 से 300 किलोमीटर तक जाने के लिए यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। रोडवेज डिपो के सहायक कार्यालय प्रभारी आरएन दुबे ने बताया कि 12 नई बसें न मिलने पर शासन को पत्र लिखा गया है। इसमें मांग की गई है कि कुंभ मेले को देखते हुए कम से कम पांच नई बसें मुहैया कराईं जाएं, जिससे कि यात्रियों को कुंभ तक लाने व ले जाने डिपो सुविधा मुहैया करा सके।
औरैया डिपो जिले में जब चालू हुआ था तब डिपो के पास सिर्फ 15 बसें थीं। समय बढ़ता गया और डिपो में बसों की संख्या बढ़ती गई। इधर विभागीय अधिकारियों ने डिपो व वर्कशाप के लिए कई स्थानों पर जमीन की खोजबीन की लेकिन विभाग को जमीन नहीं मिल सकी। औरैया डिपो में अभी 78 बसें हैं लेकिन डिपो परिसर में बसें खड़ी करने की क्षमता महज 20 की है। इससे अधिक बसें वहां खड़ी नहीं की जा सकती। डिपो जिस जमीन पर संचालित हो रहा है,उस जमीन को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है और जमीन को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन हैं।
-डिपो की एक दर्जन वाहनों की हालत है बेहद दयनीय
अमर उजाला ब्यूरो