औरैया। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में एक बार फिर सदस्यों की खींचतान देखने को मिली। कई सदस्यों के न पहुंचने पर निर्धारित समय से करीब एक घंटे बाद बैठक शुरू हुई। जिसमें कोरम की खानापूरी करते हुए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 63 करोड़ 87 लाख की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक शनिवार को बुलाई गई। बैठक 12 बजे से होनी थी, जिसमें जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख, सांसद, विधायक के साथ जिला स्तरीय अधिकारियों को पहुंचना था। तय समय तक न तो कोई अधिकारी पहुंचा और न ही सांसद व बिधूना, दिबियापुर विधायक।
सदस्यों की संख्या भी कम रही, बैठक में सभी ब्लाक प्रमुख भी नहीं पहुंचे। इस पर कोरम की खानापूरी करते हुए करीब 45 मिनट में बैठक समाप्त कर दी गई। बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष कमल सिंह की अध्यक्षता में शुरू हुई। अपर मुख्य अधिकारी राम निहुर ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के पुनरीक्षित बजट को पढ़ा।
इसके बाद नए वित्तीय वर्ष 2022-23 के मूल बजट को पढ़ा। बैठक में मौजूद सदस्यों ने सहमति जताते हुए 63 करोड़ 87 लाख की कार्ययोजना पर मंजूरी दी । इस मौके पर विश्वजीत प्रताप सिंह ने आवास बनाए जाने, अखिलेश कुमार ने पेयजल समस्या को लेकर ठोस कदम उठाए जाने का प्रस्ताव रखा।
जिस पर सभी ने सहमति जताई। जिला पंचायत अध्यक्ष कमल सिंह दोहरे ने कहा कि बैठक को लेकर 10 दिन पहले ही सभी को विभागीय स्तर पर सूचना दी गई थी। जिले स्तर पर बैठक होने के कारण शायद अधिकारी नहीं पहुंचे। बोर्ड की आवश्यक बैठक थी, जिसमें कोरम पूरा करते हुए नई कार्ययोजना के एजेंडों पर चर्चा की गई है। बजट मिलने पर इन्हें स्वीकृत कर विकास कार्य कराए जाएंगे।
बैठक में विधायक सदर गुड़िया कठेरिया, शैलेंद्र यादव, निशा राय, ब्रजराज किशोर, बलवीर सिंह, वासुदेव, अंकुल यादव, रूबी देवी सदस्यों के अलावा नरेंद्र कुमार सिंह ब्लाक प्रमुख सदर, शरद कुमार सिंह ब्लाक प्रमुख अछल्दा, सांसद गीता शाक्य के प्रतिनिधि ऋषि पांडेय आदि मौजूद रहे।
पहले भी हो चुकी गुपचुप बैठक
जिला पंचायत कार्यालय में कुछ कर्मचारी व जनप्रतिनिधि इस बात की चर्चा करते रहे कि जिला पंचायत में अंदर खाने में खींचतान चल रही है। इ लिए सभी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंच रहे हैं। इसी के चलते पूर्व में भी एक बैठक इसी तरह की जा चुकी है।