औरैया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश के पहले चरण के आवेदन का समय सोमवार को समाप्त हो गया। जिले में इस चरण में 543 छात्र-छात्राओं के आवेदन प्राप्त हुए।
वहीं, कड़ी जांच में 101 आवेदन निरस्त कर दिए गए। आवेदनों के निरस्तीकरण के पीछे सबसे बड़ा कारण नियमों का उल्लंघन रहा। कहीं मोहल्ला या वार्ड गलत निकला तो कहीं प्रमाण पत्र ही फर्जी निकले।
पहले नियम था कि अभिभावक एक किलोमीटर के दायरे में स्थित स्कूल के लिए आवेदन कर सकते हैं, पर इस वर्ष यह नियम बदला गया। इसमें साफ किया गया था कि अभिभावक केवल उसी वार्ड या ग्राम पंचायत में स्थित स्कूल के लिए आवेदन कर सकते हैं, जहां वे निवास करते हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने दूसरा वार्ड या मोहल्ला चुनकर पसंदीदा स्कूल भर दिया, जो नियमों के खिलाफ पाया गया।
इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि कई आवेदनों के साथ निवास व आय प्रमाण पत्र जमा ही नहीं किए गए। वहीं, चार मामलों में आय प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। इनकी प्रमाण पत्र संख्या सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं मिली। ऐसे मामलों को गंभीर मानते हुए आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
पहले चरण के लिए लॉटरी 18 फरवरी को निकाली जाएगी, इसके माध्यम से चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिलेगा। वहीं, दूसरा चरण 21 फरवरी से 7 मार्च तक चलेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभिभावक नियमों के अनुसार सही वार्ड, ग्राम पंचायत और पूरे दस्तावेजों के साथ आवेदन करें, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।
पहणे चरण के लिए 543 छात्र-छात्राओं के आवेदन पोर्टल पर आए, जिनमें से 101 के आवेदन नियम विरुद्ध पाए जाने पर निरस्त किए गए हैं। चार फर्जी आय प्रमाण पत्र के प्रकरण सामने आए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। अभिभावकों से अपील है कि नियमों के अनुसार ही आवेदन करें।
- संजीव कुमार, बीएसए