औरैया। पर्यावरण को हराभरा करने के लिए इस बार जिले में 52 लाख पौधे रोपे जाएंगे। सोमवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के सचिव ने समीक्षा की और विभागों को अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए। इसके साथ ही रोपे गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी दी गई है।
कलक्ट्रेट सभागार में जिले के नोडल अधिकारी सचिव नमामि गंगे बलकार सिंह ने समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि जिले में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य पर 52 लाख पौधरोपण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें 470 ग्राम पंचायतों, छह नगर निकायों तथा एक नगर पालिका में अमृत वन स्थापित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि जिले के जनप्रतिनिधियों से पौधरोपण कराया जाएगा। स्कूलों में छात्र-छात्राओं से पौधरोपण कराकर उन्हें पेड़ों के बारे में जानकारी देकर शपथ दिलाई जाए। प्रतिदिन होने वाले पौधरोपण की वन विभाग रिपोर्ट कर एप पर जानकारी अपलोड करेगा।
कृषि विभाग प्रधानमंत्री सम्मान निधि पाने वाले किसानों को 10-10 पौधे उपलब्ध कराएगा। पौधरोपण के साथ ही विशेष रूप से अमृत वन, बाल वन, युवा वन, स्मृति वन, शक्ति वन अलग से स्थापित किए जाएंगे। स्मृति वन में लोग अपने पूर्वजों की याद में पौधा लगाएंगे। शक्ति वन में स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता पौधे लगाएंगी।
डीएम ने कहा कि पौधरोपण मियॉवाकी पद्धति के अनुसार किया जाए। जापानी वैज्ञानिक अकीरा मियॉवाकी द्वारा कम क्षेत्रफल में प्राकृतिक रूप से घने जंगल को विकसित करने की पद्धति विकसित की गई है। इस पद्धति के माध्यम से रोपित जंगल सामान्य जंगल की अपेक्षा 10 गुना तेजी से वृद्धि कर 30 गुना घने होंगे, जिससे जैव विविधता के साथ-साथ पर्यावरण एवं जलवायु का लाभ पहुंचाया जाता है।
बताया कि मियॉवाकी पद्धति से अजीतमल रेंज की यमुना वन ब्लॉक में 4.3 हेक्टेयर में कुल 1,50,500 पौधों का रोपण कर प्राकृतिक मूल वन की स्थापना की जा रही है। बैठक में सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एडीएम राजस्व रेखा एस चौहान, एडीएम न्यायिक अब्दुल वासित, पीडी हरेंद्र सिंह, डीडीओ करुणापति मिश्र, डीडी कृषि डॉ अशोक तिवारी आदि मौजूद रहे।
इन विभागों को मिला लक्ष्य
जिले में वन विभाग 32 लाख, ग्राम्य विकास विभाग 10 लाख 21 हजार, कृषि विभाग एक लाख 95 हजार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एक लाख 75 हजार, उद्यान विभाग एक लाख 28 हजार, पंचायती राज विभाग एवं राजस्व विभाग एक लाख 16 हजार समेत अन्य स्कूलों व विभागों को भी लक्ष्य दिया गया है।