लगातार दो सालों से मौसम की मार से घबराए किसानों ने अब फसल बीमा कराना शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार की मौसम आधारित फसली बीमा योजना में इस बार रबी सीजन 2015-16 में जिले भर के 32302 किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है। बैंकों के माध्यम से किसानों ने 21970428.90 रुपये की प्रीमियम राशि भी बीमा कंपनी के खाते में जमा करा दी है।
जिले की कुल जमीन 200652 हेक्टेयर है। कुल खेती योग्य भूमि 102.83 वर्ग किलोमीटर है। वर्ष 2011 जनगणना के अनुसार 144778 किसान हैं। इसके अलावा जनपद में 89913 किसान श्रमिक हैं, जो दूसरे की कृषि भूमि को बटाई/बलकट पर रखकर कृषि कार्य से जुड़े हैं।
रबी सीजन साल 2015-16 में जिले की कुल कृषि भूमि 200652 हेक्टेयर के सापेक्ष रबी सीजन की 134145 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं, जौ, तोरिया, राई/सरसों, चना, मटर और मसूर आदि की फसलें आच्छादित की गई हैं। इनमें 104500 हेक्टेयर भू-भाग में गेहूं फसल की बुआई की गई है।
रबी सीजन में बोई गई फसलों को प्रतिकूल मौसम आदि से बचाने के लिए जिले में संचालित प्रदेश सरकार की मौसम आधारित फसली बीमा योजना के फसलों को बीमा गत 31 दिसंबर 2015 तक बीमित किया गया है। इस समयावधि में जिले के कुल 32302 किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया है। इन किसानों के खाते से प्रीमियम के रूप में काटी गई दो करोड़ 19 लाख 70 हजार 428 रुपये 90 पैसे की धनराशि अनुबंधित बीमा कंपनी आईसीआईसीआई-लोबार्ड के खाते में ट्रांसफर कर दी गई है।
पूर्वांचल बैंक रहा आगे
औरैया। जिले में संचालित मौसम आधारित फसली बीमा योजना के तहत इस बार रबी सीजन में सबसे अधिक किसानों ने इस योजना से जुड़कर अपनी फसलों का बीमा कराया है। इस सत्र में 12150 किसानों का बीमा कर 78 लाख रुपये की प्रीमियम राशि जमा कराने में पूर्वांचल बैंक अग्रणी रहा है। वहीं 6519 किसानों का योजना से जोड़कर 6913930 रुपये जमा कराकर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया दूसरे स्थान पर रहा है।
रबी सीजन में फसलों को बीमित करने में बैंकों का अच्छा योगदान रहा है। बीमा कंपनी की ओर से निर्धारित 31 दिसंबर 2015 तक जिले के 32302 किसानों की फसलों को बीमित किया गया है।
दूधनाथ, अग्रणी जिला प्रबंधक