स्टोर रूम में दवा ले जाते कर्मचारी। संवाद
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औरैया। शहर के 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में आरएल समेत कई दवाओं का टोटा था। अस्पताल आने वाले मरीजों को डाक्टर बाहर से दवाइयां लिख रहे थे, इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशानी हो रही थी। 23 जून के अंक में खबर छपने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। ड्रग हाउस से आरएल समेत 30 दवाएं जिला अस्पताल को उपलब्ध करा दी गईं। अब टिटनेस के इंजेक्शन समेत चार दवाएं आनी बाकी हैं।
शहर में स्थित 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में पिछले कई महीनों से दवाओं की कमी चल रही थी। डायरिया के मरीज आने के बाद भी मरीजों को आरएल (रिंगर लैक्टेट इंजेक्शन) समेत कई दवाएं बाहर से लानी पड़ रही थीं। इसे लेकर 23 जून के अंक में बढ़ रहे डायरिया के मरीज, नहीं है आरएल इंजेक्शन शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी।
खबर को संज्ञान में लेते हुए ड्रग हाउस से 50 शैया में आरएल समेत 30 दवाएं गुरुवार को भेजी गईं। जबकि चीफ फार्मासिस्ट सत्यपाल ने कुछ दिनों पहले आरएल समेत 34 की मांग की थी। चीफ फार्मासिस्ट ने बताया कि आरएल, विटामिन-सी, कारबाप्रोस्थ, एल्कासोल, आयरन के इंजेक्शन, लेटपलोस, मेट्रोजिल, सिपलॉक्स समेत 30 दवाएं आई हैं।
अभी एनएस की बोतल, लिमोसिटजेन समेत चार दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं कराई गई है। टीटनेस का इंजेक्शन करीब दो माह से नहीं है। सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में जो दवाएं नहीं है, उस संबंध में पत्र लिखा गया था। 30 दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। चार दवाएं आना बाकी हैं। फिलहाल उपलब्ध दवाएं अस्पताल में आने वाले मरीजों को दी जा रही हैं।
23 जून को छपी खबर की पीडीएफ। संवाद- फोटो : AURAIYA