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बिना संचालन के 250 सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव के लिए करोड़ो की धनराशि जारी

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औरैया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की 477 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होना था। इनमें सेे 400 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूरा दिखा विभाग ने जियोटैगिंग कराने की रिपोर्ट शासन को भेज दी। 250 अधूरे शौचालयों की देखरेख के नाम पर करोड़ों की राशि भी जारी कर दी गई। जबकि हकीकत में शौचालयों में विद्युत कनेक्शन, टाइल्स, फर्श, पानी की टंकी आदि कार्य अधूरे पड़े हैं। कुछ ग्राम पंचायतों में निर्माण चल रहा है।
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जिले से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर देखरेख करने वाले समूहों को भुगतान का फरमान जारी किया गया। विभाग ने ग्राम प्रधानों और सचिवों से 250 से अधिक शौचालयों में सफाई कर्मियों, सफाई व्यवस्था के लिए प्रतिमाह 9000 हजार रुपये के हिसाब से तीन से छह माह की धनराशि राज्यवित्त निधि से निर्गत करा दी।
इसके साथ ही जिन ग्राम पंचायतों में भुगतान नहीं कराया गया है, उन्हें शीघ्र भुगतान कराने का फरमान जारी किया गया है। प्रशासन और शासन के फरमान के बाद ग्राम प्रधान और सचिव घपलेबाजी की आशंका को लेकर परेशान हैं। ग्राम पंचायत सचिव और प्रधानों का कहना है कि जब शौचालयों का संचालन शुरू ही नहीं हुआ, तो भुगतान क्यों कराया जा रहा है। (संवाद)
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शौचालयों के संचालन की समूहों को जिम्मेदारी
ग्राम पंचायत में बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालयों की देखरेख की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर संचालित स्वयं सहायता समूहों को दी जानी थी। शासन के नियमों और समय सीमा के तहत शौचालयों का निर्माण कराकर इन्हें कागजों पर जिम्मेदारी कई माह पहले दी जा चुकी है। लेकिन शौचालयों का निर्माण अधूरा है।
फर्जी रिपोर्टिंग पर सवाल
शासन से सामुदायिक शौचालयों के निर्माण की गाइड लाइन कई बार बढ़ाई गई। कुछ जगह कोरोना काल ने कार्य प्रभावित किया। इस बीच अफसरों ने शासन को रिपोर्ट भेज दी कि जिले के 454 में 400 शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इनकी जियो टैगिंग भी करा दी गई। इस पर पंचायती राज विभाग के अपर सचिव ने समूहों को भुगतान करने का आदेश दे दिया। अब फर्जी रिपोर्टिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यहां जारी किया गया पैसा
ग्राम पंचायतें- 477
सामुदायिक शौचालय- 454
निर्गत धनराशि वाले शौचालय -250
निर्गत धनराशि- प्रति सफाई कर्मचारी-6000, सफाई व्यवस्था-3000 रुपये
जांच की मांग की
प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव का कहना है कि 454 में एक भी शौचालय प्रयोग शुरू नहीं हुआ। प्रधानों व सचिवों पर तीन से छह माह का मानदेय निकालने का दबाव बनाया जा रहा है। संगठन ने पत्र भेजकर मुख्य सचिव से इसकी शिकायत की है। अधूरे शौचालयों में कर्मचारी का मानदेय व रखरखाव की धनराशि जबरन निकलवाने की जांच कराने की मांग की गई है।
फोटो 14 एयूआरपी-5 - अभिषेक यादव
मिर्जापुर बैरमशाह में सामुदायिक शौचालय का निर्माण चल रहा है। शौचालय शुरू हुए बिना ही तीन माह का मानदेय निर्गत करा लिया गया। पंचायत सचिव से पूछा तो उन्होंने कहा कि अधिकारियों का निर्देश है। सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।- अभिषेक यादव, प्रधान ग्राम पंचायत जैतापुर
सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव के लिए स्वयं सहायता समूह के एक सदस्य को रखा गया है। अपर मुख्य सचिव पंचायती राज के निर्देश पर धनराशि निर्गत की जा रही है। जिले की 454 में करीब 250 ग्राम पंचायतों से धनराशि निर्गत कर दी गई है। शेष में जल्द धनराशि निर्गत करने के निर्देश दिए गए हैं। - संदीप वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी
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