अजीतमल/अयाना (औरैया)। यमुना नदी में बढ़ रहे जलस्तर के कारण शुक्रवार दोपहर तक सदर और अजीतमल तहसील के 24 गांव जलमग्न हो गए। बाढ़ से तबाही का मंजर देख ग्रामीण दहशत में हैं। बाढ़ का पानी गांव में घरों की छतों तक पहुंच रहा है। प्रभावित गांवों की बिजली काट दी गई है। प्रशासन लगातार बाढ़ में फंसे लोगों की मदद करने में जुटा है। लोग जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। डीएम सुनील कुमार ने बताया कि सदर तहसील में 224 व अजीतमल में 1050 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं।
शुक्रवार को एसडीएम विजेता व तहसीलदार राजकुमार चौधरी ने बाढ़ ग्रस्त गांव बड़ेरा पहुंचकर निरीक्षण किया। एसडीएम ने पानी के बीच एक घर में जाकर ग्रामीणों से बात की। उनसे राहत शिविरों में शरण लेने की अपील की। बताया कि तहसील प्रशासन सहित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी मदद के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। राहत पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
अजीतमल तहसील के बाढ़ प्रभावित गांव
बड़ेरा, सिमार, सिकरोड़ी, भूरेपुर कला, गौहानी कला, नखतपुर, पहाड़पुर, ततारपुर कला, गूंज, जुहीखा, फरिहा, बीझलपुर, सडनापुर, सिखरना, जाजपुर, असेवटा, बसियापुर, गौहानी खुर्द, मिश्रपुर मानिकचंद्र।
सदर तहसील के बाढ़ प्रभावित गांव
क्योटरा, अस्ता, नौरी।
पीपा पुल बहकर जुहीखा पुल से टकराया
गुरुवार देर रात बबाइन में यमुना नदी पर बना पीपा का पुल बह गया। पुल रात में जुहीखा पुल में जा फंसा। धमाके की आवाज सुनकर लोगों ने पुल के टूटने की आशंका जताई। शुक्रवार सुबह निरीक्षण के लिए पहुंचे अधिकारियों को पीपा पुल जुहीखा पुल में फंसा दिखा।