सत्ती तालाब में खड़ी खरपतवार। अमर उजाला
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औरैया। नगर पालिका परिक्षेत्र में स्थित सत्ती तालाब व पक्का तालाब की जमीन को लेकर पालिका व दावेदारों के बीच पिछले पांच दशक से चल रही लड़ाई में आखिर पालिका की जीत हुई। इसके चलते एसडीएम सदर के आदेश के बाद 22 बीघा जमीन को नगर पालिका के नाम सरकारी भूमि में दर्ज किया गया।
शहर के बीचोबीच पड़ी नौ एकड़ सत्ती तालाब की बेशकीमती भूमि को अपना बताकर पिछले पांच दशक से लंबी लड़ाई लड़ रहे दावेदारों को आखिर परास्त का मुंह देखना पड़ा। लंबे समय से नगर पालिका परिषद व दावेदारों के बीच चली इस लड़ाई के दौरान सत्ती तालाब की काफी जमीन पर लोगों ने अपने-अपने पक्के मकान बनवा लिए। उधर तालाब पर चल रहे विवाद के चलते पालिका प्रशासन भी इसके सुंदरीकरण को लेकर कोई कदम नहीं उठा पा रहा था। इस संबंध में एसडीएम सदर अमित राठौर ने बताया कि दावेदारों की ओर से तालाब की जमीन को अपना बताने के किए जा रहे सभी दावे खारिज हो चुके हैं। इसके उपरांत उनकी ओर से न केवल सत्ती तालाब बल्कि बघाकटरा स्थित पक्का तालाब की जमीन को सरकारी अभिलेख में नगर पालिका परिषद के नाम दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि दोनों तालाबों की 22 बीघा जमीन पालिका के नाम दर्ज हो जाने के बाद से अब पालिका इस भूमि पर तालाब को किसी तरह से विकसित करता है। यह पालिका का अपना अधिकार है। इस दौरान एसडीएम सदर अमित राठौर ने उक्त तालाब की भूमि पर बनाए गए मकानों के संबंध में बताया कि जल्द ही इसकी जांच की जाएगी और जो भी मकान तालाब की जमीन पर बने पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।